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TCS नासिक केस: मलेशिया में जॉब और…, ऐसे लालच देकर महिलाओं को जाल में फंसाती थी आरोपी निदा खान

TCS Nashik Case: नासिक में मौजूद Tata Consultancy Services (TCS) में सामने आए धर्म परिवर्तन मामले में नए खुलासे हुए हैं. आरोपी ने पीड़िता को बुर्का और धार्मिक सामग्री देकर उसका धर्म बदलने की कोशिश की और मलेशिया में नौकरी का लालच भी दिया.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Apr 28, 2026 13:43
TCS Nashik Case
Credit: News24

महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद Tata Consultancy Services (TCS) ऑफिस से जुड़े धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न मामले में अब नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच में पता चला है कि आरोपी ने पीड़िता को अपने जाल में फंसाने के लिए कई तरीके अपनाए. आरोपी ने पीड़िता को धार्मिक सामग्री दी, नाम बदलने का दबाव बनाया और विदेश में नौकरी का लालच भी दिया. इस मामले की मास्टरमाइंड कही जाने वाली निदा खान पर आरोप है कि उसने पीड़िता को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पीड़िता को बुर्का और इस्लाम से जुड़ी धार्मिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने बाद में जब्त भी किया.

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इस्लाम से जुड़े ऐप्स भी करवाए डाउनलोड

इतना ही नहीं, आरोपी निदा खान ने पीड़िता के मोबाइल फोन में इस्लाम से जुड़े ऐप्स इंस्टॉल किए और सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक कंटेंट भेजकर उस पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की. जांच में ये भी सामने आया है कि आरोपी ने पीड़िता को मलेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा दिया. बताया जा रहा है कि इस बहाने उसे विदेश भेजने का प्लान बनाया गया था, जहां उसे किसी इमरान नाम के व्यक्ति के लिए काम करना था. पीड़िता के मुताबिक, निदा खान ने उसका नाम बदलने और नई पहचान अपनाने के लिए भी दबाव बनाया. इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. चूंकि पीड़िता अनुसूचित जाति से आती है, इसलिए इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

फरार है निदा खान

सूत्रों के मुताबिक, निदा खान ने पीड़ितों के एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्स भी छीन लिए थे और उन्हें जबरन अपना नाम बदलकर हानिया रखने के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी. ये भी सामने आया है कि उन्होंने इस प्लान को आसान बनाने के लिए मालेगांव में किसी से संपर्क किया था. पिछले हफ्ते एक अदालत ने निदा खान को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसने गर्भवती होने का दावा किया था. मामला सामने आने के बाद से वो फरार है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि डिजिटल सबूत जुटाने के लिए उसका मोबाइल फोन जब्त करना बेहद जरूरी है. जांच का मकसद ये पता लगाना भी है कि क्या उसे अपराध को अंजाम देने के लिए पैसा मिला था और किसने उसे शरण दी थी.

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First published on: Apr 28, 2026 01:42 PM

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