अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. चढ़ावा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अदालत ने इस मामले की स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर दोनों सरकारों से जवाब मांगा है. आपको बता दें कि इस मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है, जिसमें जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन भी शामिल हैं.
पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी को निर्देश देते हैं कि वह अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे. इस मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी. स्टेटस रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि SIT में किन-किन अधिकारियों को शामिल किया गया है.’ इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी इन याचिकाओं पर जवाब मांगा है.
Supreme Court has issued notice to the Centre and Uttar Pradesh seeking response on pleas for an independent, court-monitored probe into the alleged misappropriation of donations at the Ayodhya Ram Janmabhoomi temple.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसआईटी द्वारा ये स्टेटस रिपोर्ट एक बंद लिफाफे में दी जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाओं पर वह अगले सप्ताह सुनवाई करेगी. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया, लेकिन पीठ ने उनकी आपत्ति को दरकिनार करते हुए ट्रस्ट को भी नोटिस जारी करने का फैसला सुनाया.
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मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि चूंकि इस मामले में पहले ही एक SIT गठित की जा चुकी है और जांच जारी है, ऐसे में अदालत पहले यह देखना चाहती है कि जांच में अब तक कितनी प्रगति हुई है, उसके बाद ही याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई अन्य मांगों पर पर विचार किया जाएगा.