रमेश्वरमार में पकड़े गए 80 लाख के समुद्री खीरे, जानें क्यों हैं इतने खास?

समुद्री खीरे की तस्करी न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह मरीन इकोसिस्टम के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। कोस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट लगातार इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, इस अवैध व्यापार पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त कानून और मछुआरों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे इस धंधे से दूर रहें।

sea cucumber

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तमिलनाडु के रामेश्वरम तट पर भारतीय कोस्ट गार्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग ₹80 लाख मूल्य के ‘समुद्री खीरे’ जब्त किए हैं। यह खेप अवैध रूप से तस्करी कर विदेश भेजी जा रही थी। समुद्री खीरा (Sea Cucumber) रेयर एक्वेटिक जीवों में से एक है और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। खासतौर पर चीन, हांगकांग, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में यह बेशकीमती माना जाता है।

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आखिर है क्या ये समुद्री खीरा और क्यों है इसकी इतनी मांग?

समुद्री खीरा एक समुद्री जीव है, जो मुख्य रूप से समुद्र की गहराइयों में पाया जाता है। यह नर्म, बेलनाकार और देखने में खीरे जैसा होता है, इसलिए इसे ‘समुद्री खीरा’ कहा जाता है। इसके अलावा इसे ककड़ी या फिर सी कुकुम्बर भी कहा जाता है। यह एक्वेटिक इकोसिस्टम के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह समुद्र के तल को साफ रखने में मदद करता है। समुद्री खीरे की खासियत यह है कि इसे ट्रेडीशनली चीन और दक्षिण एशियाई ट्रीटमेंट के लिए मेडिसिन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसे हेल्दी माना जाता है और माना जाता है कि इससे डिजीज रेसिस्टेंट कैपेसिटी बढ़ती है, गठिया और हृदय संबंधी बीमारियों में लाभ होता है। इसके अलावा, इसे एक महंगे सीफूड के रूप में भी खाया जाता है। यही वजह है कि इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है।

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भारत में क्यों होती है इसकी तस्करी?

समुद्री खीरे की तस्करी इसलिए होती है क्योंकि यह जीव भारत में प्रोटेक्टेड स्पीशीज की लिस्ट में शामिल है। Wildlife Protection Act, 1972 के तहत इसे पकड़ना, बेचना या एक्सपोर्ट करना अवैध है। लेकिन इसके ऊंचे दाम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग के कारण तस्कर इसे चोरी-छिपे इकट्ठा करके विदेशों में बेचते हैं। तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के तटीय इलाकों में समुद्री खीरे पाए जाते हैं। तस्कर इन्हें मछुआरों से खरीदकर नावों के जरिए श्रीलंका और अन्य एशियाई देशों तक पहुंचाते हैं। रामेश्वरम और तूतीकोरिन जैसे तटीय क्षेत्र इस अवैध कारोबार के लिए काफी जाने जाते हैं।

समुद्री खीरा चीन के लिए है बेशकीमती

चीन में समुद्री खीरा ट्रेडिशनल इलाज, सुपरफूड, लग्जरी फूड और मेडिसिनल प्रॉपर्टीज के कारण बेहद महंगा और लोकप्रिय है। Traditional Chinese medicine(TCM) में इसे डिजीज रेसिस्टेंट कैपेसिटी बढ़ाने, हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद और यौन शक्ति बढ़ाने वाला माना जाता है। यह प्रोटीन से भरपूर और कम फैट वाला होता है, जिससे इसे हेल्दी सुपरफूड के रूप में खाया जाता है। महंगे रेस्टोरेंट और खास आयोजनों में इसे स्टेटस सिंबल के रूप में परोसा जाता है। इसके अलावा, कॉस्मेटिक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। चीन में इसकी ऊंची कीमत (₹30,000 से ₹50,000 प्रति किलो) और सीमित आपूर्ति के कारण इसकी अवैध तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। यही कारण है कि भारत सहित कई देशों में इसे प्रोटेक्टेड स्पीशीज मानकर इसकी तस्करी पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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कोस्ट गार्ड की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

भारतीय कोस्ट गार्ड को गुप्त सूचना मिली थी कि एक नाव में अवैध रूप से समुद्री खीरे ले जाए जा रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए कोस्ट गार्ड ने रामेश्वरम के पास संदिग्ध नाव को रोका और जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में समुद्री खीरे पाए गए। जब्त किए गए समुद्री खीरों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹80 लाख आंकी गई है। अब वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और अन्य एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कौन से बड़े तस्कर नेटवर्क जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा यह भी देखा जा रहा है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए किन सख्त कदमों की जरूरत है।

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