बाढ़ के वक्त नेपाल में ही थे शशि थरूर, बताया कैसा था मंजर; भारत सरकार की तारीफ की
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारी दी है कि फ्लैश फ्लड के दौरान वो नेपाल में थे, लेकिन उन्हें इस त्रासदी का पता तब चला जब वो काठमांडू पहुंच चुके थे. उन्होंने भारत सरकार की कोशिशों की भी तारीफ की.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 27, 2026 16:09
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 27, 2026 16:09
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शशि थरूर (Photo-PTI)
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Shashi Tharoor on Nepal Flash Flood: कांग्रेस सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य शशि थरूर ने बुधवार को काठमांडू पहुंचने के बाद उत्तरी नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से हुई तबाही पर गहरी चिंता जताई. त्रिवेंद्रम के सांसद ने कहा कि जब उन्होंने अपना सफर शुरू किया, तो उन्हें इस आपदा की गंभीरता का अंदाजा नहीं था.
काठमांडू पहुंचकर मिली जानकारी
थरूर ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘कल काठमांडू के लिए निकला था, और मुझे पहाड़ों में हुई उस घटना और उससे हुए भारी नुकसान के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था.’ थरूर ने कहा कि उन्हें काठमांडू पहुंचने के बाद ही इस त्रासदी की गंभीरता का पता चला. उस वक्त तक मरने वालों की संख्या 160 तक पहुंच गई थी, जबकि तकरीबन 2000 या उससे ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका थी.
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Took off for Katmandu yesterday, blissfully unaware of the drama that had taken place in the hills and caused such catastrophic damage. A severe, sudden flash flood struck northern Nepal’s Rasuwa district near the Tibet border, causing widespread destruction along the Bhote… pic.twitter.com/qxcDJgEK8C
फ्लैश फ्लड ने तिब्बत सीमा के पास नेपाल के रसुवा जिले को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे भारी तबाही हुई. थरूर ने कहा कि एक्सपर्ट ने संकेत दिया है कि जलवायु परिवर्तन और/या तिब्बत में आए भूकंप के कारण ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा घाटी में गिर गया होगा. थरूर के मुताबिक, इस आपदा में कम से कम 19 पुल तबाह हो गए, बेट्रावती-रसुवागढ़ी राजमार्ग का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बह गया और आठ चालू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बुरी तरह डैमेज हो गए.
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भारत सरकार की तारीफ
शशि थरूर ने नेपाल को तत्काल मदद देने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा, ‘मैं भारत सरकार के तत्काल राहत सहायता देने के वादे का पूरी तरह से समर्थन करता हूं. नेपाल को हर संभव मदद की जरूरत है.’ उन्होंने आपदा में फंसे भारतीय पर्यटकों, जिनमें कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री भी शामिल हैं, उनके लिए भी चिंता जताई. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘लापता लोगों के लिए प्रार्थना है; उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जाएगा.’