सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नए अवसरों का स्वागत करने के लिए तैयार है. उन्होंने SEMICON India 2026 के आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और अपने संबोधन के अंत में सभी का धन्यवाद किया.
76वें बर्थडे पर प्रधानमंत्री मोदी ने आज सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़े इन्वेस्टर्स, रिसर्चर्स और स्टार्टअप की भागीदारी वाले ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का उद्घाटन किया. ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: पारिस्थितिकी का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में दुनिया और देश की कंपनियों के साथ पॉलिसी मेकर्स, इन्वेस्टर्स, रिसर्चर्स, स्टार्टअप, एजुकेशनल इंस्टीट्यूटस और स्टूडेंट्स शामिल हुए. 3 दिवसीय सम्मेलन में भारत में सहयोग, निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी. उद्योगों की प्रगति, सहयोग और संयुक्त उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए 6 देशों का गोलमेज सम्मेलन और महिलाओं के नेतृत्व से एक कार्यक्रम भी होगा.
600 से ज्यादा कंपनियां इवेंट में शिरकत करेंगी
‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में सेमीकंडक्टर चिप बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे. चिप का डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम तक का पूरा प्रोसेस समझाया जाएगा. कार्यक्रम में 600 से अधिक कंपनियों के भाग लेने और करीब 50000 लोगों के आने की उम्मीद है. 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक कार्यकारी अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता भी इसमें शामिल होंगे. जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्वीडन के अलावा देश के 12 राज्यों के बूथ, स्टार्टअप, इनोवेशन एग्जीबिशन, स्टूडेंट हैकाथॉन भी होगा.
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोला गया है. भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) पर भी काम कर रहा है. बीते एक दशक में देश के ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार हुआ है, जो सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण ताकत है. भारत हर जरूरी कदम उठा रहा है ताकि देश को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन बनाया जा सके.
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI डेटा सेंटर्स में हजारों हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम कर रहे हैं और बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस कर रहे हैं. जैसे-जैसे AI का विस्तार होगा, कंप्यूटिंग पावर की मांग भी बढ़ेगी, जिसके साथ बिजली की जरूरत बढ़ना तय है. सेमीकंडक्टर प्लांट्स तक समय पर और जरूरत के मुताबिक बिजली की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है. इसी जरूरत को देखते हुए भारत पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है.
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के सामने बड़ी मात्रा में डेटा ट्रांसफर, हीट और पावर मैनेजमेंट करने जैसी कई चुनौतियां हैं. दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशंस की जरूरत होगी और भारत इसके लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है.
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके सामने नई चुनौतियां भी उभर रही हैं. वर्षों तक इंडस्ट्री में ट्रांजिस्टर के आकार को छोटा करने पर जोर रहा, जिससे कंप्यूटिंग तेज और अधिक एफिशिएंट बनी. अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल ने इंडस्ट्री के सामने नए सवाल खड़े किए हैं. पिछले दो वर्षों में ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट की ग्रोथ 20 प्रतिशत से अधिक रही है और इसमें AI से पैदा हुई डिमांड की अहम भूमिका है. अब चुनौती सिर्फ यह समझना नहीं है कि चिप के अंदर क्या है, बल्कि यह भी देखना है कि उसके पीछे क्या हो रहा है?
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में बड़े पैमाने पर स्किलिंग का काम चल रहा है. सरकार ने एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए ट्रेंड करने का लक्ष्य तय किया है और इनमें से हजारों युवाओं को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है. PM मोदी ने भारत और विदेशों में रिसर्च कर रहे युवा टैलेंट से एडवांस टेक्नोलॉजी के विकास में योगदान देने की अपील की. उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स से देश में R&D को लीड करने का आह्वान भी किया.
सेमीकॉन इंडिया 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के इंजीनियरिंग टैलेंट और मैनपावर को देश की बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि भारत में हजारों इंजीनियरिंग कॉलेज हैं और हर साल लाखों इंजीनियर तैयार होते हैं. PM मोदी ने अमेरिका की एक कंपनी के प्रतिनिधि से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में इंजीनियरों की भर्ती के लिए लोगों को एक कमरे में बुलाया जा सकता है, लेकिन भारत में इंजीनियरों को बुलाने पर फुटबाल का मैदान भी छोटा पड़ जाता है.
सेमीकॉन इंडिया में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का निर्माण देश में ही करना और कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन फोटोनिक्स तथा AI सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करना है. सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए गए हैं. PM मोदी ने इक्विपमेंट, केमिकल्स, गैसे और मटेरियल्स से जुड़े उद्योगों को भारत में अवसर तलाशने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है और अगले चरण में यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है.
सेमीकॉन इंडिया में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेपआउट के बाद काम रुकता नहीं है, बल्कि उसी दिन अगले वर्जन पर काम शुरू हो जाता है. भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू कर दिया है, जिसका आकार पहले फेज के करीब 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 13.5 बिलियन डॉलर किया गया है. सरकार ने सेक्टर में कई और सुधार किए हैं, जिससे इंटरनेशनल कंपनियां भारतीय स्टार्टअप्स और इंडियन डिजाइन कंपनियों और भारतीय स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ सहयोग कर सकें. पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क समेत प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए सरकार जरूरी कदम सरकार उठा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेमीकॉन इंडिया का आयोजन हर साल और महत्वपूर्ण होता जा रहा है. 2022 में हुए पहले संस्करण में चर्चा सेमीकंडक्टर पॉलिसी पर केंद्रित थी, जिसके बाद के संस्करणों में बातचीत प्रोजेक्ट्स और उनके क्रियान्वयन तक पहुंची. पिछले साल फाइव-नाइन्स और टेस्ट चिप्स के साथ भारत की यूनिट्स से शुरुआती सैंपल निकलने पर चर्चा हुई थी. इस साल चर्चा कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंच गई है. मोहाली और सूरत में दो और स्टार्टअप में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है और इसके लिए दोनों को बधाई दी. सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना आसान नहीं है, क्योंकि तकनीकी क्षमता विकसित करने में दशकों लगते हैं. भारत ने चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, मटेरियल इकोसिस्टम और टेस्टिंग कैपेबिलिटी पर एक साथ काम किया है और इसमें सफलता हासिल की है.
PM मोदी ने 'सेमीकॉन इंडिया 2026 ' के उद्घाटन समारोह में कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर में भी भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हासिल की है. इसी दौरान जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड किया है. 35 साल के बाद ऐसा बदलाव देखने को मिला है, जो भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और उस पर दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. हाल ही में संपन्न BRICS Summit में भी भारत पर वैश्विक भरोसे की तस्वीर दिखाई दी. भारत ने शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की और सर्वसम्मति से New Delhi Declaration को अपनाया जाना भारत पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का एक और बड़ा प्रमाण है.
दक्षिण कोरिया की ओकिन्स इलेक्ट्रॉनिक्स के विक्टर प्यो ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के बारे में कहा कि भारत के साथ सेमीकंडक्टर बिजनेस को लेकर हम बहुत आशावादी हैं. मुझे लगता है कि भारतीय बाजार में अपार संभावनाएं हैं. लेकिन भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग अभी शुरुआती चरण में है. इसलिए हमें और अधिक निवेश और समर्थन की आवश्यकता है. भारत में बड़ी मांग, बड़ा बाजार और मानव संसाधन मौजूद हैं, जिनका फायदा होगा.
#watch | Delhi: On SEMICON India 2026, from Okins Electronics, South Korea, Victor Pyo says, "... We are very optimistic. I think there is a big potential in the India market. But of course, the Indian semiconductor industry is just at the first stage. So we need more investment… pic.twitter.com/Ckz2H1BEmf
— ANI (@ANI) September 17, 2026
कोकोस टेक्नोलॉजीज के पैट्रिक जुबे ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के बारे में कहा कि जर्मन कंपनी की भारत में एक सहायक कंपनी है. वहीं भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर में हमारी पहली एग्जीबिशन है, जिसमें कंपनी से नए ग्राहकों के जुड़ने की उम्मीद है. भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और हम शुरुआत से ही इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनना चाहते हैं. हम तेजी से आगे बढ़ते भारतीय बाजार से बहुत उम्मीदें रखते हैं और मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि भारत दुनिया का नया ताइवान बनेगा.
#watch | Delhi: On SEMICON India 2026, from KoCoS Technologies, Patrick Zube says, "... We are a German-based company with a subsidiary in India. This is our first time exhibiting in the semiconductor field in India. Our expectation is to connect with new customers. The… pic.twitter.com/nAFK9Q9fcL
— ANI (@ANI) September 17, 2026
3 दिवसीय सेमीकॉन इंडिया 2026 आज से 19 सितंबर तक चलेगा और इस कार्यक्रम में 600 से अधिक कंपनियों के भाग लेने और करीब 50000 लोगों के आने की उम्मीद है. 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक कार्यकारी अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता भी इसमें शामिल होंगे. जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्वीडन के अलावा देश के 12 राज्यों के बूथ, स्टार्टअप, इनोवेशन एग्जीबिशन, स्टूडेंट हैकाथॉन भी होगा.
#watch | Prime Minister Narendra Modi arrives to inaugurate SEMICON India 2026 at Yashobhoomi Convention Centre in DelhiThe three-day conference and exhibition, being held from 17 to 19 September 2026, is organised on the theme ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’. It… pic.twitter.com/csJpOjcF3m
— ANI (@ANI) September 17, 2026
सेमीकॉन इंडिया 2026 में भाग लेने के लिए मलेशिया की कंपनी Aemulus Corporation के अधिकारी रोंग शिंग चाई पहुंचे हैं. यहां मीडिया से बात करने पर उन्होंने कहा कि हम सेमीकॉन इंडिया में भाग ले रहे हैं, और एक टेस्टिंग कंपनी के रूप में हम भारत में विस्तार कर रहे हैं. हम अगले कुछ साल में भारतीय बाजार में मजबूत विकास क्षमता देखते हैं.
#watch | Delhi | On attending SEMICON India 2026, Rong Xing Chai from Aemulus Corporation in Malaysia, says, "We are participating in SEMICON India, and as a testing company, we are expanding in India. We see strong growth potential in the Indian market... Within the next few… pic.twitter.com/SvAZEpsPbo
— ANI (@ANI) September 17, 2026
सेमीकॉन इंडिया 2026 में भाग लेने के लिए नीदरलैंड्स की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स पहुंचीं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कि सेमीकॉन इंडिया में आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. इसका आर्थिक महत्व है और रणनीतिक विषय पर भारत के साथ पार्टनरशिप करने पर हमें गर्व है. मैं प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं.
#watch | Delhi | On attending SEMICON India 2026, Ambassador of the Kingdom of the Netherlands, Marisa Gerards, says, “I'm very happy to be here for the Semicon India. It's of geopolitical significance and we are proud to partner with India on the strategic subject. And I do want… pic.twitter.com/ihVIQUh80W
— ANI (@ANI) September 17, 2026
दिल्ली में यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 शुरू हो चुका है, जिसमें बतौर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे हैं. वे इसका उद्घाटन करेंगे और देश-दुनिया की कंपनियों को सेमीकंडक्टर समेत कई सेक्टरों में निवेश के अवसर तलाशने का मौका देंगे.









