‘आर्थिक और व्यापारिक हितों की रक्षा करेंगे’, रूस पर बैन के लिए US के बिल पर भारत की पहली प्रतिक्रिया

अमेरिका ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बिल पास किया है, जिस पर भारत ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दे दी है. बिल पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर होते ही वह कानून बन जाएगा, जिसके बाद भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लग सकता है, लेकिन भारत ने इसे लेकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं.

S Jaishankar | US Sanctions Bill | Trump Tariffs

अमेरिका के बिल पर भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्री ने बयान जारी किया है. (Credit-ANI)

अमेरिका ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक बिल पास किया है, जिसके कानून बनते ही रूस के तेल-ऊर्जा खरीदारों पर राष्ट्रपति ट्रंप 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकते हैं. इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल है और अमेरिका का नया बिल कानून बनते ही अमेरिकी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, जो एक प्रकार का दंड है.

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बिल संबंधी गतिविधियों पर भारत की नजर

विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि पहले भी कई बार कहा जा चुका है कि भारत अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. दुनियाभर के विविध स्रोतों के जरिए बदलते वैश्विक बाजार के आधार पर ऐसा करना जारी रखेगा. रूस-ईरान के खिलाफ पारित अमेरिकी बिल पर भारत की नजर है और इस पर आगे लिए जाने वाले फैसलों पर भी भारत सरकार का फोकस रहेगा. अगर अमेरिका बिल को पास करके भारत पर टैरिफ लगता है तो भारत भी जवाबी कार्रवाई और अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है.

अमेरिका के रूख का असर संबंधों पर पड़ेगा

मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों में भारत-रूस तेल व्यापार पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग हुई है. जिसमें भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के रूख का असर न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी इससे प्रभावित हो सकता है. अमेरिकी अधिकारियों से मीटिंग में भी भारत ने अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का इरादा साफ किया था. टैरिफ के असर से निपटने के लिए भारत के व्यापार और उद्योग संगठन मिलकर काम करेंगे.

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बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर बाकी

बता दें कि लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत से पास हो गया है. हाउस ने बिल को 262-159 वोटों से मंजूरी दे दी और अब इसे कानून बनाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के पास भेज दिया गया है, ताकि वे इस पर हस्ताक्ष करें. बिल के कानून बनते ही अमेरिकी राष्ट्रपति को चीन, भारत और अन्य देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, क्योंकि वे देश रूस से तेल और गैस खरीदते हैं. ऐसा करने के पीछे अमेरिका का मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पुतिन पर आर्थिक दबाव डालना है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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