दिशा सालियान केस में शिवसेना (UNT) नेता आदित्य ठाकरे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. मामले में CBI ने जहां FIR में उनका नाम शामिल किया है, वहीं अब दिशा के पिता सतीश सालियान ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है और 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए पब्लिकली माफी मांगने के साथ-साथ दिए गए झूठे-भ्रामक बयान वापस लेने की मांग की है. नोटिस में आदित्य ठाकरे के अलावा पूर्व महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख का भी नाम है. मांग पूरी न करने पर मानहानि के सिविल केस के साथ-साथ दोनों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. दोनों नेताओं को लीगल नोटिस रिसीव भी हो गया है.
छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने बेटी को इंसाफ के लिए उनके संघर्ष को साजिश बताया, जिससे छवि और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा. दोनों के बयानों से संदेश गया है कि दिशा सालियान के मामले का फायदा उठाया जा रहा है. दोनों के बयान झूठे, भ्रामक, गुमराह और मानहानि करने वाले हैं. बयानों से प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और छवि खराब हुई है. इसलिए दोनों नेता 500 करोड़ रुपये का हर्जाना भरे और 7 दिन के अंदर सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर माफी मांगें, माफी को प्रकाशित एवं प्रसारित कराएं. अगर ऐसा नहीं किया गया तो दोनों को कार्रवाई झेलनी पड़ेगी.
नोटिस में दोनों के बयानों का जिक्र किया गया
नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के बयान का जिक्र किया गया है. आदित्य ठाकरे कहते हैं कि CBI उनके खिलाफ जांच कर चुकी है और आपराधिक साजिश के आरोपों को खारिज कर चुकी है. वहीं अनिल देशमुख ने 23 मार्च 2025 को कहा था कि दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश रची गई है. दोनों के बयानों ने दिशा के परिवार की मंशा पर सवाल उठाए हैं और बेटी के लिए इंसाफ की मांग को राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए CBI ने स्पष्ट किया था कि मामले में अभी तक उसने कोई जांच नहीं की है.
दोनों पर CBI को झूठा साबित करने के आरोप
नोटिस में कहा गया है कि CBI जांच होने और क्लीन चिट मिलने वाला बयान CBI के बॉम्बे हाईकोर्ट में दिए गए बयान के विपरीत है और जांच एजेंसी पर सवाल उठाने वाला है. आदित्य ठाकरे CBI को झूठा साबित करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए 7 दिन के अंदर आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख माफी मांगें, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि की कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि सतीश सालियान ने बेटी दिशा सालियान के साथ गैंगरेप होने और फिर उसकी हत्या किए जाने के आरोप लगाए हैं और इसी मामले की जांच के लिए CBI को FIR का आदेश मिला है.