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Sabse Bada Sawal: क्या मणिपुर को जलने से बचाने का अंतिम विकल्प राष्ट्रपति शासन है?

Sabse Bada Sawal, 19 June 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की। ये राज्य देश का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन हालात भयावह है। 48 दिन से मणिपुर जल रहा है। 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। तीन हजार लोग जख्मी हुए। […]

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Sabse Bada Sawal, 19 June 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की। ये राज्य देश का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन हालात भयावह है। 48 दिन से मणिपुर जल रहा है। 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। तीन हजार लोग जख्मी हुए। 60 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए। दिल्ली तक आ गए हैं सबकुछ छोड़कर। शरणार्थी बन गए अपने ही देश में। तीन मई को ये हिंसा शुरू हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि सरकार कहां है। हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार दिखती है। डबल इंजन की सरकार है। 60 की विधानसभा में 32 विधायक बीजेपी के हैं तो हालात काबू में क्यों नहीं आ पा रहे हैं।

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केंद्रीय मंत्री तक के घर फूंक दिए गए। बीजेपी का दफ्तर फूंक दिया गया। चार हजार असलहे पुलिस बल के गायब हैं। डेढ़ लाख गोलियां गायब हो गई हैं। एक हजार असलहे वापस आए हैं। मणिपुर मिलिट्रराइज होता जा रहा है। ये इलाका बेहद संवेदनशील है। ये राज्य अलग-अलग हिस्सों में बंट गया है। एलजी रिटायर्ड निशिकांत ने मणिपुर के हालात की तुलना सीरिया से की। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर गए थे। लेकिन हालात जस के तस हैं। तो आज का सबसे बड़ा सवाल है कि मणिपुर बचाओ...राष्ट्रपति शासन लगाओ? मणिपुर में शांति जरूरी…सियासत नहीं! देखिए बड़ी बहस

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First published on: Jun 20, 2023 02:56 PM

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