केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में मंगलवार को बड़े बदलावों की घोषणा की, जिनमें प्रश्नपत्र की चार-स्तरीय जांच व्यवस्था, 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नये विशेषज्ञों की नियुक्ति और कार्यालयों की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपा जाना शामिल है. यूजीसी-नेट प्रश्नपत्र में गड़बड़ियों और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे शिक्षा मंत्रालय ने व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं.

शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक के बाद मंत्रालय ने मंगलवार शाम घोषणा की कि जोशी ने परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और संबंधित बुनियादी ढांचा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

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जोशी ने पिछले महीने शिक्षा मंत्री का कार्यभार उस वक्त संभाला था, जब नीट-यूजी प्रश्नपत्र विवाद को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद उनके पूर्ववर्ती धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था.

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मंत्री के निर्देशों के बाद एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी. एनटीए देश में कई परीक्षाओं के आयोजन का जिम्मा संभालती है.

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मंत्रालय ने अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया, 'परीक्षा टीम में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 600 विशेषज्ञों को हटाते हुए उनकी जगह नये विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं.'

साथ ही बताया कि प्रश्नपत्रों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए चार-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जाएगी.

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मंत्रालय के मुताबिक, अगले दो-तीन हफ्ते में 20-25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जबकि आगे और नियुक्तियों की भी समीक्षा की गई है.

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इसके साथ ही एनटीए के दफ्तर को युद्धस्तर पर नई जगह शिफ्ट किया जाएगा, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीमों के जरिये मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि एनटीए कार्यालय राष्ट्रीय राजधानी में ओखला से मिंटो रोड स्थानांतरित किया जाएगा.

ये फैसले ऐसे समय में लिए गए हैं, जब रविवार रात शोधार्थियों के लिए यूजीसी-नेट परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा के बाद एनटीए को विपक्षी दलों और कई प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों की ओर से फिर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

हालांकि, एनटीए सूत्रों ने दावा किया कि एजेंसी ने छात्रों के हित में कदम उठाए हैं. उसने कहा कि भविष्य में सभी परीक्षाओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक प्रक्रियाओं और नियमों की समीक्षा की जा रही है.

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सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने शिकायतों पर सक्रियता से विचार किया और फिर से परीक्षाएं कराने का फैसला लिया. उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के व्यापक हित में सभी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और इससे अधिक जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित होगी.

सूत्रों के अनुसार, एनटीए में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ), महाप्रबंधक (परीक्षा सुरक्षा) और महाप्रबंधक (अनुसंधान एवं विकास तथा मनोमिति) समेत 10 नये पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है.

उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा, मनोमिति, प्रश्नपत्र तैयार करने और अन्य विशेष क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र से भी विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है.

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शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि बैठक में जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि स्थापित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्त अनुपालन कराया जाए और गोपनीय कार्यप्रणाली (कॉनऑप्स) की संरचना, पृथक कक्षों, एयर-गैप्ड प्रणालियों और उपकरण जमा करने की प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव युद्धस्तर पर लागू किए जाएं.

मंत्रालय के मुताबिक, एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.