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संसद के मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत, राम मंदिर और NEET पर चर्चा की मांग, पढ़ें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

मानसून सत्र का आज हंगामे के साथ आगाज हुआ. पहले ही दिन विपक्ष ने नीट मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया, लेकिन स्पीकर ने प्रश्नकाल शांतिपूर्वक चलने देने की अपील की. लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा तो स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

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संसद के मानसून सत्र का आज से आगाज हो गया है, लेकिन लोकसभा सदन की पहले दिन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई. स्पीकर ओम बिरला ने राष्ट्रगान के साथ सदन शुरू किया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन रखवाया. फिर जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्ष ने राम मंदिर दान चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया. विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध नारेबाजी भी की. स्पीकर ने शांतिपूर्वक सदन चलने देने की अपील विपक्ष से की, लेकिन वह नहीं माना तो स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.

राज्यसभा में भी नीट मुद्दे पर जोरदार हंगामा

राज्यसभा सदन शुरू करते हुए सभापति ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई. कांग्रेस के नवनिर्वाचित सदस्य पवन खेड़ा ने राज्यसभा सदस्यता की शपथ ले ली है. वहीं शपथ ग्रहण होते ही विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हजारों बच्चे जंतर-मंतर पर अपने हक की लड़ाई लड़ने आए हैं, लेकिन पुलिस ने वहां लाठी चार्ज कर दिया. आखिर बच्चों को क्यों मारा जा रहा है? छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया जा रहा है‌? इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया तो सभापति ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.

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विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए तख्तियां लहराईं

लोकसभा में विपक्षी दलों ने अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी का मुद्दा उठाया. लेकिन स्पीकर ने प्रश्नकाल शुरू करा दिया तो विपक्षी दलों के सांसद वेल में आ गए और हंगामा करने लगे. राम मंदिर दान चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की. वे तख्तियां लहराने लगे तो स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन की परंपरा का पालन करें. तख्तियां लहराना सदन की परंपरा नहीं है. प्रश्नकाल और लोकसभा की कार्यवाही चलने दें. सभी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा. लेकिन स्पीकर की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ.

सत्र से पहले हंस द्वार पर PM मोदी का संबोधन

मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के हंस द्वार पर संबोधन किया. उन्होंने कहा कि जहां तथ्य होते है, तर्क होते हैं, वहां तूफान की जरूरत नहीं है. अगर तर्क में दम है तो शांति से अपनी बात रखी जा सकती है. भारत के युवाओं ने स्पेस सेक्टर में नई उड़ान भरी है. स्काईरूट की पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है. पिछले एक महीने में भारत ने उपलब्धियां हासिल कीं. नेशनल, इंटरनेशनल और स्पेस सेक्टर में भी देश का गौरव बढ़ा. देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं स्पेस की तरह अनंत हैं, जिनका इस्तेमाल देश के आर्थिक विकास के लिए हो सकता है.

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मानसून सीजन और मानसून सत्र का जिक्र किया

PM मोदी ने युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया, लेकिन तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मैं 56 साल के ‘युवा’ की बात नहीं कर रहा, देश के असली युवा नए इतिहास लिख रहे हैं. मानसून हो या और मानसून सत्र, दोनों ही प्रो-एक्टिव हो तो ही प्रोडक्टिव साबित हो सकते हैं और जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है. हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रो-एक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे. ऐसा सभी संभव होगा, जब विपक्षी दल सत्र को शांतिपूर्वक चलने देंगे, इसलिए उन्हें शांति और संयत से अपनी बात रखनी होगी.

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प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत के युवाओं की एंट्री—दुनिया में भारत की बढ़ती पहचान और स्वीकार्यता का संदेश।

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PM मोदी बोले—युवा भारत अब नई जर्नी पर, देश के स्टार्टअप ने स्पेस में रचा नया इतिहास।

First published on: Jul 20, 2026 11:24 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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