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पाकिस्तान के खिलाफ सड़क पर उतरे 50,000 से अधिक लोग, PoK के लिए रावलकोट के ईदगाह मैदान में हल्ला बोल

सोशल मीडिया के जरिय स्थानीय महिला जिनका नाम रानीमा शाज़मा है इन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों और सुरक्षा बलों की जमकर आलोचना की है. रानीमा ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और लोग पीड़ित हैं.

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इस्लामाबाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में रावलकोट में 50,000 लोगो ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है. पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में चल रहा विरोध आंदोलन लगातार 17वें दिन भी जारी है. जिसमें रावलकोट के ईदगाह मैदान में हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए. जानकारी के मुताबिक सभा में 50,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया है. जिससे यह पिछले कुछ सालो में इस इलाके में देखे गए सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक बन गया है.

अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में, अधिकारियों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों और सुरक्षा घेरा लगाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक तंगी, शासन के मुद्दों, मुद्रास्फीति और जिसे वे लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक संकट के खिलाफ हल्ला बोला है. इस प्रदर्शन में महिलाओ ने भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़को पर उतर कर अपना विरोध जताया है.

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सोशल मीडिया के जरिय स्थानीय महिला जिनका नाम रानीमा शाज़मा है इन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों और सुरक्षा बलों की जमकर आलोचना की है. रानीमा ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और लोग पीड़ित हैं. पाकिस्तान क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है.

यह भी पढ़ें: PoK की आवाज दबाने के लिए पाकिस्तान ने पार की सारी हदें, भोजन-ईंधन और दवाओं पर लगाई रोक; मचा हाहाकार

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रावलकोट में सभा को संबोधित करते हुए, अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमन खान ने क्षेत्र में पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की और अधिक राजनीतिक स्वायत्तता का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कश्मीर के संबंध में निर्णय कश्मीर के लोगों पर छोड़ दिया जाना चाहिए और जिसे उन्होंने बाहरी रूप से थोपे गए राजनीतिक ढांचे के रूप में वर्णित किया, उसे खारिज कर दिया.

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई

विरोध प्रदर्शन में शामिल सरकारी कर्मचारियों पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है. प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोपी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 128 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. प्रदर्शनकारी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को प्रदर्शन में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी गई है, साथ ही पेंशन संबंधी परिणामों के बारे में भी चिंता जताई गई है.

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First published on: Jun 25, 2026 06:53 PM

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