मानसून से पहले दोपहर और रात में ही क्यों आती है धूल भरी आंधी? समझिए इसके पीछे का विज्ञान

मौसम विभाग के मुताबिक, इस टकराव के नतीजे में रविवार से मंगलवार तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ बौछारें और बारिश का दौर देखने को मिलेगा.

Dust Strom

इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में मौसम की एक बहुत बड़ी हलचल चल रही है. हजारों किलोमीटर दूर भूमध्य सागर से उठा एक विशाल और ताकतवर मौसम तंत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह सिस्टम बहुत जल्द पृथ्वी के सबसे गर्म भूभागों में से एक यानी उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों से टकराने वाला है.

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मौसम विभाग के मुताबिक, इस टकराव के नतीजे में रविवार से मंगलवार तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ बौछारें और बारिश का दौर देखने को मिलेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिस्टम क्या है और बारिश होने से ठीक पहले धूल भरी आंधी क्यों आती है?

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क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ?

पश्चिमी विक्षोभ मूल रूप से एक अतिरिक्त-उष्णकटिबंधीय चक्रवात है. इसका जन्म मॉनसून की तरह गर्म उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में नहीं, बल्कि भूमध्य सागर के ऊपर होता है.

पैदा होने के बाद यह पृथ्वी की सतह से करीब 9 से 12 किलोमीटर ऊपर आकाश में नदी की तरह बहने वाली तेज हवाओं की एक पट्टी है. ये हवाएं इस चक्रवात को लगभग 43 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्व की ओर धकेलती हैं. पश्चिम एशिया, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान को पार करते हुए जब यह भारत में प्रवेश करता है, तो अपने साथ ऊपरी वायुमंडल में भारी नमी लेकर आता है. यह मानसून से बिल्कुल अलग है, क्योंकि मानसून जमीन के पास की निचली परतों में नमी लाता है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ आकाश की ऊपरी और ठंडी परतों में नमी जमा करता है.

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बारिश से पहले क्यों आती है धूल की आंधी?

अक्सर आपने देखा होगा कि जून के महीने में बारिश की बूंदें गिरने से पहले आसमान में धूल का गुबार छा जाता है. इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है. जून में उत्तर-पश्चिम भारत, विशेषकर राजस्थान का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है. इस भीषण गर्मी के कारण जमीन के पास की हवा हल्की होकर तेजी से ऊपर उठती है और वायुमंडल बेहद अस्थिर हो जाता है.

जब ऊपर से पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी और घनी हवा इस बेहद गर्म माहौल में प्रवेश करती है, तो टकराव विस्फोटक होता है और तूफानी बादल बनते हैं. जब इन बादलों से बारिश गिरना शुरू होती है, तो बादलों के नीचे मौजूद अत्यधिक गर्म और सूखी हवा के कारण अधिकांश पानी जमीन पर गिरने से पहले ही हवा में वाष्पित हो जाता है. पानी के इस तरह सूखने से आसपास की हवा अचानक बहुत ठंडी हो जाती है और भारी होकर बेहद तेज गति से जमीन की तरफ गिरती है. जब यह ठंडी हवा जमीन से टकराती है, तो नल से गिरने वाले पानी की तरह चारों दिशाओं में फैल जाती है. इसकी रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है. थार रेगिस्तान की सूखी और ढीली मिट्टी को ये तेज हवाएं सीधे आसमान में उड़ा देती हैं, जिसे हम और आप ‘आंधी’ कहते हैं.

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दोपहर और रात के समय ही क्यों आते हैं ऐसे तूफान?

इस कड़े मौसम का एक निश्चित दैनिक चक्र होता है. दोपहर के समय सूरज की किरणें जमीन को सबसे ज्यादा गर्म करती हैं. शाम होते ही यह संचित ऊर्जा ‘संवहन’ के जरिए अचानक रिलीज होती है. शाम के वक्त अरावली और पश्चिमी हिमालय के पहाड़ों पर बनने वाले ये तूफान धीरे-धीरे बड़े सिस्टम में तब्दील होकर रात में पूर्व की ओर बढ़ते हैं. यही वजह है कि ये देर रात या सुबह के शुरुआती घंटों में दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहुंचते हैं.

राजस्थान में क्यों बरपेगा ज्यादा कहर?

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि राजस्थान इस सिस्टम के ठीक रास्ते में है और वहां रेगिस्तानी गर्मी के कारण वायुमंडल में सबसे ज्यादा अस्थिरता होती है. साथ ही, वहां पेड़-पौधों की कमी होने के कारण हवा की रफ्तार को रोकने के लिए कोई प्राकृतिक अवरोध नहीं है, जिससे वहां अंधड़ ज्यादा खतरनाक रूप ले लेता है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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