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रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारियों को चांदी के नकली सिक्के देने को लेकर न्यूज 24 की खबर का बड़ा असर

जांच में पाया गया कि रिटायरमेंट पर दिए गए सिक्के 'नकली' थे, जिनमें चांदी की मात्रा मात्र 0.23\% ही थी. इस मामले में रेलवे ने संबंधित सप्लायर के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

Author Written By: Akarsh Shukla Updated: Jan 29, 2026 17:01

भारतीय रेलवे में 20 साल से चली आ रही एक विशेष परंपरा अब खत्म हो गई है, रेलवे बोर्ड ने अपने सेवानिवृत्त अधिकारियों को विदाई उपहार के रूप में दिए जाने वाले गोल्ड प्लेटेड सिल्वर मेडल (चांदी के सिक्के) के चलन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है.

20 साल पुरानी रीत खत्म


रेलवे ने मार्च 2006 में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को लगभग 20 ग्राम वजन का स्वर्ण मढ़ा चांदी का सिक्का देने की शुरुआत की थी, हजारों ऐसे कर्मचारी है जिन्हें 20 वर्षों में चांदी के सिक्के बांटे गए.

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आधिकारिक रोक


बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेनू शर्मा ने बुधवार (28 जनवरी 2026) को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया। जिसमें लिखा गया है ‘Discontinuation of practice of presenting Gold plated Silver Medals to retiring Railway officials.’

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मेडल घोटाला बना वजह


इस फैसले के पीछे भोपाल मंडल में सामने आया ‘मेडल घोटाला’ एक बड़ी वजह माना जा रहा है, जांच में पाया गया कि रिटायरमेंट पर दिए गए सिक्के ‘नकली’ थे, जिनमें चांदी की मात्रा मात्र 0.23\% ही थी. इस मामले में रेलवे ने संबंधित सप्लायर के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रेलवे के पास मौजूद वर्तमान मेडल स्टॉक का उपयोग अब अन्य कार्यों में किया जाएगा. यह नया नियम 31 जनवरी 2026 को रिटायर होने वाले अधिकारियों पर भी लागू होगा, यानी अब उन्हें यह मेडल नहीं मिलेगा.

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First published on: Jan 29, 2026 05:01 PM

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