NCERT Book Controversy: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की विवादित किताब पर बड़ा फैसला किया है। काउंसिल ने विवादित किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है। काउंसिल ने आधी रात बयान जारी करके अपनी गलती मानी और माफी मांगी। NCERT ने किताब में ज्यूडिशियन करप्शन चैप्टर जोड़ने पर खेद जताया और कहा कि अनजाने में गलती हो गई है। आगे से ऐसा नहीं होगा और किताब भी बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं दी जाएगी।
कांउसिल ने 24 फरवरी 2026 को किताब में चैप्टर जोड़ने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के CJI सूर्यकांत ने चैप्टर पर स्वत: संज्ञान लेकर आपत्ति जताई और NCERT को फटकार लगाई। काउंसिल ने भी बिना देर किए विवादित चैप्टर हटाने का ऐलान करते हुए किताब की बिक्री रोक दी और बयान जारी करके सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। NCERT ने कहा कि काउंसिल की मंशा देश की किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकार पर प्रश्न उठाने या उसे कमतर आंकने की नहीं थी।
NCERT ने किताब और उसके चैप्टरों की फिर से समीक्षा करके उन्हें दोबारा लिखने की प्रतिबद्धता जताई है।
खबर अपडेट की जा रही है…
NCERT Book Controversy: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की विवादित किताब पर बड़ा फैसला किया है। काउंसिल ने विवादित किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है। काउंसिल ने आधी रात बयान जारी करके अपनी गलती मानी और माफी मांगी। NCERT ने किताब में ज्यूडिशियन करप्शन चैप्टर जोड़ने पर खेद जताया और कहा कि अनजाने में गलती हो गई है। आगे से ऐसा नहीं होगा और किताब भी बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं दी जाएगी।
कांउसिल ने 24 फरवरी 2026 को किताब में चैप्टर जोड़ने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के CJI सूर्यकांत ने चैप्टर पर स्वत: संज्ञान लेकर आपत्ति जताई और NCERT को फटकार लगाई। काउंसिल ने भी बिना देर किए विवादित चैप्टर हटाने का ऐलान करते हुए किताब की बिक्री रोक दी और बयान जारी करके सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। NCERT ने कहा कि काउंसिल की मंशा देश की किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकार पर प्रश्न उठाने या उसे कमतर आंकने की नहीं थी।
NCERT ने किताब और उसके चैप्टरों की फिर से समीक्षा करके उन्हें दोबारा लिखने की प्रतिबद्धता जताई है।
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