देश में औरंगजेब और बाबर को लेकर चल रही बहस के बाद मुस्लिम लीग नेता कौसर हयात खान ने मुरादाबाद में पत्रकारों से बात की। उन्होंने इसे किसी हिन्दू संगठन का विरोध न बताते हुए भाजपा का एजेंडा करार दिया है। कौसर हयात खान ने कहा कि संभल बावल भी इसी का एक हिस्सा था, जहां पुलिस ने पहले उकसाकर मुसलमान को सड़कों पर आने के लिए मजबूर किया और फिर गोली चलाकर 5 मुसलमानों को मार दिया। कौसर हयात ने कहा औरंगजेब और बाबर को ठीक से मुसलमान जानता भी नहीं है। बेवजह मुद्दा बनाकर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। मुसलमानों को परेशान करने के लिए भाजपा नए नए मुद्दे ला रही है।
उनका मसला औरंगजेब या वक्फ नहीं
कौसर हयात खान ने कहा कि इस मसले में औरंगजेब या वक्फ बोर्ड कोई मसला नहीं है। उनके सामने उनका मसला है मुसलमान, वो इन्हें टारगेट करना चाहा रहे हैं। मुसलमानों को निशाना बनाना चाहा रहे हैं। उनका निशाना सिर्फ मुसलमान हैं।
मुसलमानों को कैसे परेशान किया जाए, कैसे मुसलमानों को मारा जाए, कैसे मुसलमानों को नुकसान पहुंचाया जाए, कैसे उनको ज़्यादा से ज़्यादा परेशान किया जाए। वो इसके लिए रोज नए मुद्दे लाते हैं। कभी वक्फ बोर्ड का मुद्दा है, कभी किसी मस्जिद के सर्वे का मुद्दा है, कभी औरंगजेब का मुद्दा है, कभी बाबर का मुद्दा है, ये सारी चीजें वो मुसलमानों को टारगेट करने के लिए कर रहे हैं।
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औरंगजेब ईमानदार और अच्छा शासक- कौसर
औरंगजेब उनके लिए कोई मुद्दा नहीं है। उन्हें मालूम है कि औरंगजेब कितना ईमानदार बादशाह था। कितना न्यायप्रिय बादशाह था। आज के शासकों से हजारों गुना अधिक अच्छा शासक था। लेकिन जबदस्ती उसके खिलाफ एक मुहिम चलाई जा रही है। कोई आदमी या मुसलमान क्या औरंगजेब की जयंती मना रहा है? क्या औरंगजेब को अपना लीडर मान रहा है? क्या औरंगजेब को अपना हीरो मान रहा है? कोई मुसलमान नहीं कर रहा हैयह सब। बहुत से मुसलमान तो औरंगजेब को जानते तक नहीं हैं।
सर्वे का मकसद कुछ और – कौसर
ये सिर्फ मुसलमानों को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है और हर जगह ये जंग चल रही है कि किसी तरह मुसलमान सड़क पर आ जाए ताकि हम मुसलमानों पर सीधी गोली चला दें। संभल में भी ये ही हुआ। एक सर्वे हो गया, मुसलमानों ने कुछ नहीं कहा, जब वो मायूस हो गए कि मुसलमान नहीं आए हैं सड़कों पर तो रविवार के दिन 11 बजे रात को दूसरे सर्वे का ऑर्डर हुआ। ऐसी कौन सी आफत थी, इसका मतलब तो साफ है यह एक साजिश थी कि तीसरा सर्वे फिर करो ताकि मुसलमान किसी तरह बाहर निकले सड़कों पर और अगर वो बाहर निकलें तो गोली चलाने का मौका मिले। वही हुआ, उन्होंने गोली चलाई सीधे और 5 मुसलमान मार दिए।
मंदिरों को दी जायदाद – कौसर
यह चीज जो है मुसलमान के लिए नई नहीं है। अभी तो और नए-नए तरीके नए-नए मुद्दे हो सकते हैं। आप देखोगे एक महीने में 15 दिन में कोई नया मुद्दा निकलेंगे, जिससे कि मुसलमान को निशाना बनाया जा सके। कोई संगठन विरोध नहीं कर रहा है सरकार कर रही है, पुलिस कर रही। आप अगर इतिहास को देखें तो लगभग 200 मंदिरों का जिक्र मिलता है, जिन्हें औरंगजेब ने जायदाद दी हैं। वह आदमी जिसे आप मुसलमान और हिंदुओं का दुश्मन बता रहे हैं, उसने मंदिरों को जायदाद क्यों दी? इतने बड़े-बड़े मंदिर हैं मुझे नाम भी याद नहीं है, आप टीवी पर बहुत से प्रोग्राम में देखेंगे मंदिरों के बारे में बताया जाता है, जिनको जायदाद दे दी गई हैं।
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