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देश

लोकसभा में हंगामे पर सियासी घमासान, बीजेपी और कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र

लोकसभा में हुए हंगामे के बाद बीजेपी और कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. संसद की गरिमा और निष्पक्षता को लेकर सियासत तेज हो गई है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 10, 2026 11:16
Lok Sabha Ruckus
Credit: Social Media

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में हुए हंगामे को लेकर सियासत तेज हो गई है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सदन में नारेबाजी और विरोध देखने को मिला. इस घटना के बाद बीजेपी और कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अलग-अलग पत्र लिखकर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी की महिला सांसदों ने अपने पत्र में विपक्ष के व्यवहार को असंसदीय बताया है. उन्होंने लिखा कि सदन के अंदर नारेबाजी करना, कागज फाड़ना, टेबल पर चढ़कर प्रदर्शन करना और स्पीकर की ओर कागज फेंकना संसद की गरिमा के खिलाफ है.

ये भी पढ़ें: ‘बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा…’, राहुल गांधी के आरोप पर लोकसभा में भारी हंगामा, सदन स्थगित

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ओम बिरला के संयम को सराहा

बीजेपी सांसदों का आरोप है कि कुछ विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास तक पहुंच गए, जिससे सदन में अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा हुई. बीजेपी महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संयम और धैर्य की सराहना की है. उन्होंने कहा कि कठिन हालात में भी स्पीकर ने सदन को संभालने की कोशिश की. पत्र में मांग की गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में संसद की मर्यादा बनी रहे.

कांग्रेस महिला सांसदों ने क्या कहा?

वहीं, कांग्रेस की महिला सांसदों ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा है. कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को बार-बार बोलने से रोका गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई. कांग्रेस महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की लोकसभा में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष के विरोध को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. साथ ही, उन्होंने विपक्षी सांसदों के निलंबन को एकतरफा कार्रवाई बताया और निष्पक्ष रवैये की मांग की. अब सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी है, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके.

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ये भी पढ़ें: Explainer: संसद में सांसदों को लेकर क्या हैं नियम, क्यों किए जाते निलंबित और क्या-कितनी मिलती है सजा‌?

First published on: Feb 10, 2026 11:16 AM

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