Kerala Vidhan Sabha Chunav Result 2026 Live Updates: केरल की सियासत में एक बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सत्ता विरोधी लहर को मात दे दी। 4 मई 2026 की सुबह मतगणना शुरू होते ही यह साफ हो गया था कि इस बार लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन खुद अपनी सीट पर पीछे चल रहे थे। करीब 85.1 प्रतिशत मतदान के बाद राज्य के 140 विधानसभा क्षेत्रों का फैसला ईवीएम में बंद हुआ था, जिसने एक ऐतिहासिक जनादेश की इबारत लिख दी।
UDF की धमाकेदार वापसी
चुनाव आयोग के रुझानों ने शुरू से ही LDF की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह 80 सीटों पर आए रुझानों में UDF 45 पर आगे थी, जबकि LDF महज 25 पर। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, UDF का ग्राफ ऊपर चढ़ता गया और उसने 104 सीटों पर बढ़त बना ली। बहुमत के लिए जरूरी 71 का आंकड़ा उसने बहुत पहले ही पार कर लिया। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने करीब 89 सीटों पर पार्टी की बढ़त देखते हुए कहा कि यह जनादेश एग्जिट पोल के सारे अनुमानों से बड़ा है।
विजयन आगे, पर सत्ता हाथ से दूर
धर्मदम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को शुरुआती झटका लगा। वह कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद से लगभग 1,090 वोटों से पीछे चल रहे थे। हालांकि, बाद की गिनती में उन्होंने जोरदार वापसी की और 85,614 वोट हासिल कर 19,247 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी रशीद को 66,367 वोट मिले। यह जीत भले ही व्यक्तिगत सांत्वना बनी, लेकिन पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। CPM राज्य में 24 सीटों पर सिमट गई।
कांग्रेस ने किया कमाल
देर शाम तक 126 सीटों के नतीजों में कांग्रेस अकेले 57 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी। 14 सीटों पर गिनती जारी रही। कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार राजन जे पल्लन ने त्रिशूर सीट से 26,803 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि त्रिशूर को भाजपा की मजबूत सीट माना जाता था। CPIM 24, IUML 9, CPI 5, केरल कांग्रेस 6 और भाजपा 1 सीट पर जीत दर्ज कर पाई।
भाजपा को दो सीटों पर बढ़त, मिली एक जीत
पलक्कड़ और नेमोम में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर नेमोम से 16,408 वोट पाकर CPIM के वी शिवकुट्टी से 3,928 वोट आगे रहे। पलक्कड़ में शोभा सुरेंद्रन 27,159 वोट लेकर कांग्रेस के रमेश पिशारोडी से 1,820 मतों से आगे चल रही थीं। हालांकि, अंतिम परिणामों में भाजपा के खाते में केवल एक सीट आई। केरल की राजनीति में यह चुनाव एक निर्णायक मोड़ है, जहां मतदाताओं ने पूर्ण बहुमत का जनादेश देकर UDF को प्रचंड सत्ता सौंपी।
Kerala Vidhan Sabha Chunav Result 2026 Live Updates: केरल की सियासत में एक बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने सत्ता विरोधी लहर को मात दे दी। 4 मई 2026 की सुबह मतगणना शुरू होते ही यह साफ हो गया था कि इस बार लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की सरकार नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन खुद अपनी सीट पर पीछे चल रहे थे। करीब 85.1 प्रतिशत मतदान के बाद राज्य के 140 विधानसभा क्षेत्रों का फैसला ईवीएम में बंद हुआ था, जिसने एक ऐतिहासिक जनादेश की इबारत लिख दी।
UDF की धमाकेदार वापसी
चुनाव आयोग के रुझानों ने शुरू से ही LDF की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह 80 सीटों पर आए रुझानों में UDF 45 पर आगे थी, जबकि LDF महज 25 पर। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, UDF का ग्राफ ऊपर चढ़ता गया और उसने 104 सीटों पर बढ़त बना ली। बहुमत के लिए जरूरी 71 का आंकड़ा उसने बहुत पहले ही पार कर लिया। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने करीब 89 सीटों पर पार्टी की बढ़त देखते हुए कहा कि यह जनादेश एग्जिट पोल के सारे अनुमानों से बड़ा है।
विजयन आगे, पर सत्ता हाथ से दूर
धर्मदम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को शुरुआती झटका लगा। वह कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद से लगभग 1,090 वोटों से पीछे चल रहे थे। हालांकि, बाद की गिनती में उन्होंने जोरदार वापसी की और 85,614 वोट हासिल कर 19,247 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी रशीद को 66,367 वोट मिले। यह जीत भले ही व्यक्तिगत सांत्वना बनी, लेकिन पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। CPM राज्य में 24 सीटों पर सिमट गई।
कांग्रेस ने किया कमाल
देर शाम तक 126 सीटों के नतीजों में कांग्रेस अकेले 57 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी। 14 सीटों पर गिनती जारी रही। कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार राजन जे पल्लन ने त्रिशूर सीट से 26,803 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि त्रिशूर को भाजपा की मजबूत सीट माना जाता था। CPIM 24, IUML 9, CPI 5, केरल कांग्रेस 6 और भाजपा 1 सीट पर जीत दर्ज कर पाई।
भाजपा को दो सीटों पर बढ़त, मिली एक जीत
पलक्कड़ और नेमोम में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर नेमोम से 16,408 वोट पाकर CPIM के वी शिवकुट्टी से 3,928 वोट आगे रहे। पलक्कड़ में शोभा सुरेंद्रन 27,159 वोट लेकर कांग्रेस के रमेश पिशारोडी से 1,820 मतों से आगे चल रही थीं। हालांकि, अंतिम परिणामों में भाजपा के खाते में केवल एक सीट आई। केरल की राजनीति में यह चुनाव एक निर्णायक मोड़ है, जहां मतदाताओं ने पूर्ण बहुमत का जनादेश देकर UDF को प्रचंड सत्ता सौंपी।
20:15 (IST) 4 May 2026
केरल के सभी 140 सीटों के नतीजे घोषित, UDF ने हासिल की जबरदस्त जीत
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया। 140 सदस्यीय सदन में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने दस साल के लंबे इंतजार के बाद प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी की। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, सभी सीटों पर नतीजे घोषित हो चुके हैं और एक भी सीट पर रुझान बाकी नहीं है।
कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में सबसे शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने अकेले 63 सीटों पर जीत दर्ज की और वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यूडीएफ गठबंधन में शामिल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 22 सीटों पर कब्जा जमाया, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। केरल कांग्रेस के विभिन्न धड़ों ने कुल 7 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 3 सीटें मिलीं।
सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को करारी हार का सामना करना पड़ा। सीपीआई(एम) मात्र 26 सीटों पर सिमट गई और उसकी सहयोगी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने 8 सीटें जीतीं। हालांकि, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मादम सीट पर व्यक्तिगत जीत दर्ज की, लेकिन उनकी पार्टी सत्ता गंवा बैठी। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार 3 सीटों पर जीत हासिल की और प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर नेमोम विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए।
इसके अलावा, रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, केरल कांग्रेस (जैकब), कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी केरल स्टेट कमेटी और राष्ट्रीय जनता दल ने 1-1 सीट पर कब्जा किया। चार निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की। कुल मिलाकर यूडीएफ को 98 सीटों का बहुमत मिला, जबकि एलडीएफ 39 सीटों पर सिमट गई। यह जनादेश स्पष्ट रूप से बताता है कि केरल की जनता ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया और यूडीएफ को प्रचंड समर्थन देकर सत्ता सौंपी।