Karnataka News 38 Medical Students Punished For Making Reels In Hospital: आज के दौर में हर कोई फेमस होना चाहता है। इसके लिए रील भी एक जरिया है, जिसे बनाने के लिए लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसे कई मामले हमारे सामने आए हैं। हालांकि, कई बार रील बनाना लोगों के लिए महंगा पड़ जाता है। ऐसा ही मामला कर्नाटक से सामने आया है, जहां जिला अस्पताल के अंदर रील बनाने पर 38 मेडिकल छात्राओं के ऊपर कार्रवाई की गई है। इससे पहले, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने ऑपरेशन थिएटर के अंदर प्री-वेडिंग फोटो शूट करने पर एक डॉक्टर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। डॉक्टर का वीडियो खूब वायरल हुआ था।
दरअसल, चित्रदुर्ग जिले के सरकारी अस्पताल गडग इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में 38 स्टूडेंट्स के ऊपर रील बनाने के लेकर कार्रवाई की गई है। सभी की हाउसमैनशिप पोस्टिंग को 10 दिन तक बढ़ा दिया गया है। स्टूडेंट्स ने रील बनाने के लिए अस्पताल परिसर का इस्तेमाल किया था। उन्होंने हिंदी, कन्नड़ और तेलुगू फिल्मों के गानों पर कई रील बनाए थे।
लोगों ने रील पर जताई आपत्ति
मेडिकल स्टूडेंट्स के रील को जब लोगों ने देखा तो उन्होंने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि रील के लिए अस्पताल परिसर, लैब और ऑपरेशन थिएटर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसमें मरीजों को दिक्कत होगी। बताया जाता है कि स्टूडेंट्स ने शाम और रात के समय रील बनाया था, जिससे अधिकारियों का ध्यान इस पर नहीं गया। हालांकि, जब स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रील अपलोड किया तो अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई।
GIMS के निदेशक ने क्या कहा?
जीआईएमएस के निदेशक बसवराज बोम्मनहल्ली ने कहा कि उन्हें शनिवार को रीलों के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने सभी स्टूडेंट्स को बुलाया। बोम्मनहल्ली ने कहा कि अस्पताल परिसर में रील बनाना अपराध है। स्टूडेंट्स को रील को निजी जगहों पर शूट करना चाहिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो।
‘सभी स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू’
निदेशक ने कहा कि छात्र दावा कर रहे हैं कि प्री-ग्रेजुएशन समारोह के लिए मैंने उन्हें रील बनाने की अनुमति दी थी, जबकि ऐसा नहीं है। हमने ऐसे किसी कृत्य की इजाजत नहीं दी है। सभी स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।