'20वीं सदी के टाइपराइटर 21वीं सदी के सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते', ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री मोदी
17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई के युग में, जहां प्रौद्योगिकी हर हफ्ते अपडेट होती है, यह स्वीकार्य नहीं है कि एक वैश्विक संस्थान अस्सी साल में एक बार भी अपडेट न हो। बीसवीं सदी के टाइपराइटर इक्कीसवीं सदी के सॉफ्टवेयर नहीं चला सकते।
उन्होंने यह भी कहा कि 20वीं सदी में बनी वैश्विक संस्थाएं 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में असमर्थ हैं। चाहे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्ष हों, महामारी हो, आर्थिक संकट हो या साइबरस्पेस में नई उभरती चुनौतियां हों, इन संस्थाओं के पास इनका कोई समाधान नहीं है। आज विश्व को एक नई, बहुध्रुवीय और समावेशी विश्व व्यवस्था की आवश्यकता है। इसकी शुरुआत वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधारों से करनी होगी। सुधार केवल प्रतीकात्मक नहीं होने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए।