Twitter India: ट्विटर इंडिया को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के खिलाफ लगाई गई ट्विटर की याचिका खारिज कर दी। ट्विटर ने कुछ सोशल मीडिया खातों और ट्वीट्स को ब्लॉक करने के केंद्र के आदेशों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने ट्विटर को सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने ट्विटर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अदालत ने इस मामले पर सरकार के रुख को बरकरार रखा है और कहा है कि देश के कानून का पालन किया जाना चाहिए।
https://twitter.com/ANI/status/1674665077910425605
सरकार ने ब्लॉक करने के दिए थे आदेश
केंद्र सरकार ने ट्विटर को फरवरी 2021 और फरवरी 2022 के बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट और ट्वीट्स को ब्लॉक करने के लिए कहा था। इनमें से ट्विटर ने 39 ब्लॉकिंग आदेशों को चुनौती दी थी। 2022 में ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म से सामग्री को हटाने के केंद्र के आदेश को चुनौती देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
2022 में याचिका की सुनवाई के दौरान ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि किसी खाते को ब्लॉक करने के लिए केंद्र द्वारा जारी आदेश में इसके कारणों को भी बताया जाना चाहिए। दावा किया कि सरकार के आदेश आईटी अधिनियम 2000 के सेक्शन 69ए का उल्लंघन करते हैं।
केंद्र सरकार ने कोर्ट में रखी यह दलील
इस बीच, केंद्र ने उच्च न्यायालय को बताया था कि ट्विटर कई वर्षों से आदेश नहीं मान रहा है। राष्ट्रीय हित में अकाउंट्स को ब्लॉक करने के लिए कहा गया था। जिससे मॉब वॉयलेंस को रोका जा सके। सरकार ने कहा कि ब्लॉकिंग आदेश जारी करने से पहले सरकार और ट्विटर प्रतिनिधियों के बीच लगभग 50 बैठकें हुईं। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया था कि देश के कानूनों का पालन न करने का ट्विटर का स्पष्ट इरादा था।
यह भी पढ़ें: Centers Ordinance: अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय अध्यादेश को SC में दी चुनौती, कहा- तुरंत रोक लगाई जाए
Twitter India: ट्विटर इंडिया को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के खिलाफ लगाई गई ट्विटर की याचिका खारिज कर दी। ट्विटर ने कुछ सोशल मीडिया खातों और ट्वीट्स को ब्लॉक करने के केंद्र के आदेशों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने ट्विटर को सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने ट्विटर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अदालत ने इस मामले पर सरकार के रुख को बरकरार रखा है और कहा है कि देश के कानून का पालन किया जाना चाहिए।
सरकार ने ब्लॉक करने के दिए थे आदेश
केंद्र सरकार ने ट्विटर को फरवरी 2021 और फरवरी 2022 के बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट और ट्वीट्स को ब्लॉक करने के लिए कहा था। इनमें से ट्विटर ने 39 ब्लॉकिंग आदेशों को चुनौती दी थी। 2022 में ट्विटर ने नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म से सामग्री को हटाने के केंद्र के आदेश को चुनौती देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
2022 में याचिका की सुनवाई के दौरान ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि किसी खाते को ब्लॉक करने के लिए केंद्र द्वारा जारी आदेश में इसके कारणों को भी बताया जाना चाहिए। दावा किया कि सरकार के आदेश आईटी अधिनियम 2000 के सेक्शन 69ए का उल्लंघन करते हैं।
केंद्र सरकार ने कोर्ट में रखी यह दलील
इस बीच, केंद्र ने उच्च न्यायालय को बताया था कि ट्विटर कई वर्षों से आदेश नहीं मान रहा है। राष्ट्रीय हित में अकाउंट्स को ब्लॉक करने के लिए कहा गया था। जिससे मॉब वॉयलेंस को रोका जा सके। सरकार ने कहा कि ब्लॉकिंग आदेश जारी करने से पहले सरकार और ट्विटर प्रतिनिधियों के बीच लगभग 50 बैठकें हुईं। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया था कि देश के कानूनों का पालन न करने का ट्विटर का स्पष्ट इरादा था।
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