जदयू सांसद गिरिधारी यादव को हाल ही में एसआईआर को लेकर दिए बयान के कारण लोकसभा अध्यक्ष की ओर से नोटिस जारी किया गया है. यह कार्रवाई सुपौल के सांसद दिनेश्वर कामत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर गिरिधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने की मांग करने के बाद की गई. इस मामले ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है.
नोटिस पर सांसद का बयान
बांका के सांसद गिरिधारी यादव ने कहा कि उन्हें नोटिस की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है. उन्होंने बताया कि यदि उन्हें आधिकारिक रूप से सूचना पत्र प्राप्त होता है, तो वह इसका जवाब लोकसभा अध्यक्ष को देंगे. गिरिधारी यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी आस्था जदयू नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अटूट है.
सियासी तनाव का कारण इस विवाद की जड़ विधानसभा चुनाव में है. जदयू सांसद के पुत्र चाणक्य प्रकाश रंजन ने बेलहर विधानसभा से राजद के टिकट से जदयू विधायक मनोज यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें चाणक्य को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बाद से बेलहर विधानसभा के जदयू विधायक मनोज यादव और गिरिधारी यादव के बीच सियासी तनाव बना हुआ है.
समृद्धि यात्रा और बयान
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा कार्यक्रम में गिरिधारी यादव को आमंत्रित नहीं किया गया. इस पर उन्होंने बेलहर विधायक मनोज यादव और अमरपुर के विधायक जयंत राज कुशवाहा के खिलाफ बयान दिया. दोनों विधायकों ने इस बयान का पलटवार करते हुए सांसद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था.










