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भारत पहुंचा ‘जग लाडकी’ जहाज, हॉर्मुज के रास्ते UAE से सुरक्षित लाया 80886 मीट्रिक टन कच्चा तेल

ईरान-इजरायल जंग से पैदा हुए हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है. मिली जानकारी के अनुसार, यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है. बता दें कि भारतीय जहाज 'जग लाडकी' हॉर्मुज के रास्ते क्रूड ऑयल टैंकर लेकर गुजरात में मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है. तेल के यह टैंकर UAE से मंगवाए गए हैं. इनमें लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) क्रूड ऑयल था, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया है. इससे देश में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी. 

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Edited By : Versha Singh Updated: Mar 18, 2026 16:09

ईरान-इजरायल जंग से पैदा हुए हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है. मिली जानकारी के अनुसार, यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है. बता दें कि भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ हॉर्मुज के रास्ते क्रूड ऑयल टैंकर लेकर गुजरात में मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है. तेल के यह टैंकर UAE से मंगवाए गए हैं. इनमें लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) क्रूड ऑयल था, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया है. इससे देश में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी. 

इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है, तीन जहाज सफलतापूर्वक भारत पहुंच चुके हैं. इसका क्रेडिट धैर्यपूर्ण कूटनीतिक पहल और भारत के ईरान समेत इस क्षेत्र के सभी देशों से अत्यंत सौहार्द्रपूर्ण संबंधों को दिया जा रहा है. पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद यह बड़ी सफलता मिल सकी है. बता दें कि ‘जग लाडकी’ पर तेल टैंकर के साथ ही 22 भारतीय नाविक भी सवार हैं. सभी सुरक्षित मुंद्रा पोर्ट पहुंच गए हैं. जग लाडकी उन 28 भारतीय जहाजों में से चौथा जहाज है जो पिछले दो हफ्तों से युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण बंद है होर्मुज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी में एक संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है. इस कारण वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की रुकावट से बाजारों को गंभीर जोखिम हो सकता है. अमेरिका, इजरायल से युद्ध के चलते ईरान से इसे बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया की कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इस वजह से बीते एक महीने में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है.

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First published on: Mar 18, 2026 02:42 PM

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