भारत के लिए काफी गर्व का विषय है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 24 अगस्त को अपना पहला एकीकृत एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। बताया जा रहा है कि यह टेस्ट भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा। इसरो के अनुसार, यह सफल टेस्ट भारतीय वायु सेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल सहित कई रक्षा और अनुसंधान संगठनों के सहयोग से पूरा हुआ।
मिशन गगनयान का 80 प्रतिश काम हुआ पूरा
हाल ही में अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला के साथ प्रेस कांफ्रेस में इसरो प्रमुख ने बताया था कि गगनयान मिशन के तेजी से काम कर रहे हैं। कहा कि इस प्रोग्राम के लिए 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 20 फीसदी मिशन को अगले साल के मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद मिशन लॉन्चिंग की जाएगी।
इसरो ने दी जानकारी
इसरो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इसरो ने गगनयान मिशन के लिए पैराशूट-आधारित मंदन प्रणाली के संपूर्ण प्रदर्शन हेतु पहला एकीकृत एयर ड्रॉप परीक्षण (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण इसरो, भारतीय वायु सेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल का एक संयुक्त प्रयास है।
अंतिरक्ष में बनेगा भारत का स्पेस स्टेशन
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया है कि साल 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) के 5 मॉड्यूल स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए बीएएस के पहले मॉड्यूल के विकास की मंजूरी मिल गई है। भारत 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय को उतारने की परिकल्पना के अनुसार, मिशन के पहलुओं, प्रक्षेपण यान के विन्यास और कक्षीय मॉड्यूल प्रणालियों पर काम शुरू कर दिया गया है। राज्य मंत्री ने कहा कि चल रहे गगनयान कार्यक्रम और चंद्रमा पर किसी भारतीय के प्रस्तावित लैंडिंग के लिए वृद्धिशील प्रशिक्षण सहित प्रशिक्षण मॉड्यूल मिशन समयसीमा की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।
मानव रेटेड प्रक्षेपण यान का हुआ चुका परीक्षण
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही बताया था कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम मिशन गगनयान के मानव रेटेड प्रक्षेपण यान (HLVM3) का विकास और जमीनी परीक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। ईसीएलएसएस इंजीनियरिंग मॉडल का निर्माण किया गया है। क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस): 5 प्रकार की मोटरों का विकास और स्थैतिक परीक्षण किया गया है।