News24 हिंदी
न्यूज 24 डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।
Read More---विज्ञापन---
भारत के लिए काफी गर्व का विषय है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 24 अगस्त को अपना पहला एकीकृत एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। बताया जा रहा है कि यह टेस्ट भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा। इसरो के अनुसार, यह सफल टेस्ट भारतीय वायु सेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल सहित कई रक्षा और अनुसंधान संगठनों के सहयोग से पूरा हुआ।
हाल ही में अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला के साथ प्रेस कांफ्रेस में इसरो प्रमुख ने बताया था कि गगनयान मिशन के तेजी से काम कर रहे हैं। कहा कि इस प्रोग्राम के लिए 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 20 फीसदी मिशन को अगले साल के मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद मिशन लॉन्चिंग की जाएगी।
यह भी पढ़ें: चंद्रयान-3, विक्रम लैंडर, प्रज्ञान रोवर… क्या-क्या हो चुका है 2 साल में? पढ़ें ISRO के मिशन की टाइमलाइन
इसरो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इसरो ने गगनयान मिशन के लिए पैराशूट-आधारित मंदन प्रणाली के संपूर्ण प्रदर्शन हेतु पहला एकीकृत एयर ड्रॉप परीक्षण (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण इसरो, भारतीय वायु सेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल का एक संयुक्त प्रयास है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया है कि साल 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) के 5 मॉड्यूल स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए बीएएस के पहले मॉड्यूल के विकास की मंजूरी मिल गई है। भारत 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय को उतारने की परिकल्पना के अनुसार, मिशन के पहलुओं, प्रक्षेपण यान के विन्यास और कक्षीय मॉड्यूल प्रणालियों पर काम शुरू कर दिया गया है। राज्य मंत्री ने कहा कि चल रहे गगनयान कार्यक्रम और चंद्रमा पर किसी भारतीय के प्रस्तावित लैंडिंग के लिए वृद्धिशील प्रशिक्षण सहित प्रशिक्षण मॉड्यूल मिशन समयसीमा की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।
यह भी पढ़ें: मिशन गगनयान का 80% काम पूरा, इसरो ने बताई इतिहास रचने की डेड लाइन
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही बताया था कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम मिशन गगनयान के मानव रेटेड प्रक्षेपण यान (HLVM3) का विकास और जमीनी परीक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। ईसीएलएसएस इंजीनियरिंग मॉडल का निर्माण किया गया है। क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस): 5 प्रकार की मोटरों का विकास और स्थैतिक परीक्षण किया गया है।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।