Israel-Palestine Conflict : इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, भारत ने ग्लोबल एनर्जी पर पड़ने वाले प्रभावों को करीब से देखते हुए अलर्ट रहने का संकेत दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने कहा, भारत इस परिस्थति को अपने परिपक्व नेतृत्व के चलते, स्थिति को संभाल लेगा, उनका कहना है कि हम वर्तमान स्थिति को देखते हुए अपना रास्ता तय करेंगे।
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कच्चे तेल के भाव में हुई वृद्धि
बता दें कि मिडिल-ईस्ट में हाल की झड़पों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मार्केट्स में हलचल मचा दी है। इजरायल और फिलिस्तीन के टकराव के बाद सोमवार को कच्चे तेल के भाव में पांच प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। विश्लेषक, क्रूड आयल लाइनों में संभावित खतरों की आशंका जता रहे हैं, उनका कहना है कि अभी कच्चे तेल के दामों में और वृद्धि देखी जा सकती है। युद्ध के बीच, कल इजरायल की कंपनियों के शेयरों में भरी गिरावट देखी जा सकती है।
युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव
जहां तेल की कीमतों के साथ-साथ डॉलर और येन में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के तनाव क्षेत्र की कच्चे तेल की आपूर्ति से संबंधित पहले से मौजूद आशंकाओं को बढ़ा देते हैं, खासकर सऊदी अरब और रूस जैसे प्रमुख राष्ट्र प्रोडक्शन में कटौती को देखते हुए ऐसा करते हैं । विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो इसके प्रतिकूल प्रभाव और अधिक बढ़ सकते हैं।
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Israel-Palestine Conflict : इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, भारत ने ग्लोबल एनर्जी पर पड़ने वाले प्रभावों को करीब से देखते हुए अलर्ट रहने का संकेत दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने कहा, भारत इस परिस्थति को अपने परिपक्व नेतृत्व के चलते, स्थिति को संभाल लेगा, उनका कहना है कि हम वर्तमान स्थिति को देखते हुए अपना रास्ता तय करेंगे।
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कच्चे तेल के भाव में हुई वृद्धि
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युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव
जहां तेल की कीमतों के साथ-साथ डॉलर और येन में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के तनाव क्षेत्र की कच्चे तेल की आपूर्ति से संबंधित पहले से मौजूद आशंकाओं को बढ़ा देते हैं, खासकर सऊदी अरब और रूस जैसे प्रमुख राष्ट्र प्रोडक्शन में कटौती को देखते हुए ऐसा करते हैं । विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो इसके प्रतिकूल प्रभाव और अधिक बढ़ सकते हैं।