80वें स्वतंत्रता दिवस पर आज प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 के विकसित भारत की रूपरेखा देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत की. देश की जनता को विकसित भारत का सपना दिखाया, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने देश की युवा पीढ़ी से सहयोग की उम्मीद भी लगाई. उन्होंने सप्तधारा की शक्तियों का ऐलान करके देश के विकास की नई दिशा और नए लक्ष्य तय किए. वहीं दूसरे शब्दों में कहें तो प्रधानमंत्री मोदी ने भारत देश के लिए एक फ्यूचर प्लान पेश किया है, जिसे उन्होंने 2047 तक पूरा करने का लक्ष्य साधा है. प्रधानमंत्री मोदी के इसी फ्यूचर प्लान पर विपक्ष के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
प्रधानमंत्री की स्पीच पर सचिन पायलट का बयान
प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस स्पीच पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि आज के दिन हम सभी को भविष्य की चिंता करने और सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए. आज के दिन सभी को धर्म, आस्था, जाति और समुदाय को दरकिनार रखते हुए उन लोगों को याद करना चाहिए, जिन्होंने इस देश को आजादी दिलाने के लिए जान बलिदान की. लेकिन किसी पर आरोप लगाना, किसी पर उंगली उठाना या किसी के चरित्र पर चर्चा करना उचित नहीं है. इस दिन हम सभी को एकता के साथ आगे बढ़ने की बात करनी चाहिए, न कि अपनों पर ही सवाल उठाने चाहिए.
महिला आरक्षण को राजीव गांधी की देन बताया
प्रधानमंत्री मोदी की स्पीच पर कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने कहा कि मुझे लगता है प्रधानमंत्री मोदी को समझ आ गया होगा कि देश के युवा और किसान अब उनके खिलाफ हो रहे हैं. महिलाओं के लिए आरक्षण राजीव गांधी की देन है. हम महिलाओं के लिए आरक्षण की आड़ में किए जा रहे परिसीमन का विरोध कर रहे हैं. वहीं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि यह वह क्षण है, जब हमें उन सभी ज्ञात और अज्ञात नेताओं को नमन करना चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों को बलिदान किया और यह दोहराना चाहिए कि हम अपने संविधान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करेंगे.
महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के आरोप
जेबी माथेर ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर हैं तो इसे अब तक लागू कर दिया जाना चाहिए था. लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है, क्योंकि उनका अपना एजेंडा है. महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में वे परिसीमन करवाना चाहते हैं. जो स्वीकार्य नहीं है. कांग्रेस ही वह पार्टी है, जो महिला आरक्षण को देश में लाई. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी महिला आरक्षण लागू करके श्रेय लेना चाहते हैं. चलो श्रेय ले लें, कांग्रेस को महिला आरक्षण से मतलब है, लेकिन इसकी आड़ में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी अपने लक्ष्य साधे और परिसीमन कराकर वोटें बढ़ाएं, यह तो उचित नहीं.