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आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग, भारतीय नौसेना को मिलेंगे घातक हथियार; दुश्मन की अब खैर नहीं!

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम. कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स द्वारा विकसित 76mm और 30mm स्वदेशी नेवल गन से भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ेगी. ये गन ड्रोन, मिसाइल और दुश्मन जहाजों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम होंगी. 2026 में नौसेना में शामिल होने की उम्मीद.

Author Written By: Pawan Mishra Updated: Jan 2, 2026 16:18

समुद्र का सिकंदर यानी भारतीय नौसेना की मारक क्षमता जिसमें मिसाइल, तोप और फाइटर जेट शामिल रहते हैं. वह अब अपग्रेडेशन के साथ ही अगली पीढ़ी का बहुत जल्द होने जा रहा है. नौसेना में शामिल ऐसे कई मिसाइल हैं जिनका नाम सुनकर ही दुश्मन कांप उठता है. आपको याद दिला दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल भारतीय सेना ने किया था. अब ब्रह्मोस मिसाइल की तरह ही भारत के लिए स्वदेशी हथियार, टैंक बनाने वाली स्वदेशी कंपनी कल्याणी भी आत्मनिर्भर भारत से बने नेवल गन्स लेकर आ रही है. इस गन्स के नौसेना में शामिल होने का बाद इनकी ताकत में कई गुणा बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

एक वह दौर था जब भारतीय सेना को एक सुई की भी जरुरत होती थी तो उन्हें विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज वह समय है, जो भारतीय सेना के लिए दर्जनों स्वदेशी कंपनियां हथियार, मिसाइल और खतरनाक ड्रोन बना रही है, और इसी सिलसिले में भारत फोर्स की सब्सिडियरी कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स इस साल यानी 2026 में अत्याधुनिक स्वदेशी नौसैनिक तोपों का फुल प्रूफ टेस्ट शुरू करने जा रही है. आपको बता दें कि यह स्वदेशी तोप 76mm और 30mm की बनाई गई है.

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इसे मीडियम कैलिबर नेवल गन जो कि 76 mm का है ,ये मिसाइल, ड्रोन और जमीन पर मौजूद दुश्मन के जहाजों के खिलाफ मोर्चा के लिए तैनात किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक 30mm गन के अगस्त 2026 तक नौसेना में शामिल होने की उम्मीद है, जबकि 76mm गन का प्रूफ टेस्ट भी कुछ महीनों के अंदर शुरु हो जाएगा. नौसेना के एक अधिकारी ने न्यूज 24 को जानकारी देते हुए कहा कि इसकी मारक क्षमता ऐसी है कि दुश्मन को संभलने का भी मौका नहीं देगा. यह एक मिनट में 120 राउंड की फायरिंग कर सकता है. इसे शत प्रतिशत आत्मनिर्भर भारत के तहत बनाया गया है. ताबड़तोड़ फायरिंग करने के अलावा नेवल गन्स दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल को हवा में ही ढेर करने में सक्षम है.

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रिटायर्ड कमोडोर रंजीत राय के मुताबिक भारतीय नौसेना विदेशी नेवल हथियार पर नर्भर रहा करती थी. लेकिन आज स्वदेशी हथियार के बनने और शामिल होने से सेना के लिए गेम-चेंजर तो साबित हुआ ही है साथ ही देश के अंदर ही रोजगार की संभावना भी बहुत बढ़ी है. भारतीय नौसेना का एक मात्र लक्ष्य साल 2047 तक पूरी तरह से आत्मनर्भर बनने का है जिसका परिणाम अब दिखने भी लगा है. 76 mm गन का बहुत जल्द फुल प्रूफ टेस्टिंग शुरु किया जाएगा और इसे साल 2026 के अगस्त महिनें नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा.

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First published on: Jan 02, 2026 04:18 PM

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