जय सिंह राठौर वायरल स्कैम: बहन के इलाज के नाम पर जुटाए 1.5 लाख, पोल खुली तो लाइव मांगी माफी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 12 साल की मासूम बहन की आंख की सर्जरी का हवाला देकर 1.5 लाख रुपये जुटाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अस्पताल द्वारा मेडिकल दस्तावेजों को फर्जी बताए जाने के बाद इंटरनेट पर हड़कंप मच गया. आरोपी ने लाइव स्पेस में गलती मानी, जिसके बाद अब लोग पैसे वापस मांग रहे हैं.

Jay Singh Rathore scam, Online Crowdfunding Fraud

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 12 साल की मासूम बहन की आंख की सर्जरी का हवाला देकर 1.5 लाख रुपये जुटाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. CREDIT: Screengrab

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सोशल मीडिया पर भावुक अपील कर लोगों की जेब खाली कराने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अपनी नाबालिग बेटी की आंखों की सर्जरी के लिए पैसों की भावुक अपील के रूप में शुरू हुआ मामला कुछ ही घंटों में ट्विटर पर टॉप पर ट्रेंड होने लगा. खुद को 16 साल का छात्र बताने वाले ‘जय सिंह राठौर’ नाम के X यूजर ने अपनी 12 साल की बहन की आंख की रोशनी जाने का डर दिखाया तो उसकी इस भावुक अपील पर अजनबियों ने दरियादिली दिखाई और देखते ही देखते 1.5 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा हो गई. इसके बाद एक्स स्पेस पर राठौर से जुड़े सवालों और चर्चाओं का सिलसिला घंटों तक चला, जिसे यूजर्स ‘चाय पे चर्चा’ बता रहे हैं. हालांकि, जब संबंधित अस्पताल ने इन मेडिकल पर्चों को पूरी तरह फर्जी करार दिया तो इस पूरे खेल की पोल खुल गई.

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X स्पेस में लाइव ‘चाय पे चर्चा’ और माफी

अस्पताल के खुलासे के बाद यूजर्स ने राठौर को घेर लिया. इसके बाद X स्पेस पर 4 घंटे से अधिक लंबी ऑनलाइन चर्चा चली, जिसे यूजर्स ने ‘चाय पे चर्चा’ नाम दिया. लाइव बातचीत के दौरान जब उससे तीखे सवाल पूछे गए, तो वह रोने लगा और अपनी गलती कबूल की. उसने दावा किया कि असल में उसकी बहन नहीं बल्कि पिता बीमार थे और ज्यादा लोगों का ध्यान खींचने के लिए उसने बहन की बीमारी की झूठी कहानी गढ़ी थी. अब सोशल मीडिया पर लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं.

कौन है जय सिंह राठौर नाम का शख्स?

सोशल मीडिया पर जय सिंह राठौर नाम के शख्स ने पोस्ट डालते हुए दावा किया था कि कोरोना काल में उसकी मां का निधन हो गया था और अब उसकी 12 साल की बहन ग्लूकोमा व आंख की गंभीर बीमारी से जूझ रही है. उसने सर्जरी के लिए लोगों से 10-20 रुपये की छोटी मदद की अपील की और साथ में आधार कार्ड व दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘श्रॉफ आई सेंटर’ के पर्चे अटैच किए. लोगों ने सहानुभूति दिखाते हुए दिल खोलकर मदद की और महज 24 घंटे में उसके खाते में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा हो गए. इसके बाद उसने जरूरत पूरी होने की बात कहकर पेमेंट डिटेल्स हटा दीं.

अस्पताल की चेतावनी से खुला राज

मामले ने तब तूल पकड़ा जब कुछ यूजर्स को मेडिकल पर्चों पर शक हुआ. श्रॉफ आई सेंटर ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर मरीज का फर्जी रिकॉर्ड, पर्चा और बिल एस्टीमेट तैयार किया है. अस्पताल ने आम लोगों को सतर्क रहने और किसी भी ठगी से बचने की सलाह दी.

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इंटरनेट पर विजय माल्या के मीम्स की बाढ़

पैसे जुटाने और लाइव स्पेस में जवाबदेही के इस पूरे ड्रामे को यूजर्स सोशल मीडिया का ‘सबसे अजीब वाकया’ बता रहे हैं. यूजर्स ने राठौर की तुलना भगोड़े कारोबारी विजय माल्या से करते हुए उन्हें माल्या का ‘चेला’ कहना शुरू कर दिया. लोग रिफंड, यूपीआई पेमेंट्स और ऑनलाइन ठगी को लेकर तरह-तरह के मीम्स शेयर कर रहे हैं

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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