Om Pratap
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India Vs Bharat Raw Rahul Gandhi Europe Tour: क्या आपको पता है कि देश में चल रही कितनी सरकारी योजनाओं के नाम में ‘INDIA’ और कितनी योजनाओं के नाम में ‘भारत’ लगा है। दरअलस, देश के नाम को बदले जाने के चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने मोदी सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (INDIA) से घबराई और भयभीत है और ये सभी ध्यान भटकाने वाली रणनीति है।
यूरोपीय देशों के दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंडिया बनाम भारत विवाद को ‘ध्यान भटकाने की रणनीति’ और ‘घबराहट की प्रतिक्रिया’ करार दिया। राहुल गांधी ने बेल्जियम के ब्रुसेल्स में शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डरे हुए हैं। वे इस कदर ‘परेशान’ हैं कि देश का नाम बदलना चाहते हैं जो बेतुका है।
ब्रुसेल्स में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में हमारे जो नाम हैं, उससे मैं खुश हूं। ‘इंडिया दैट इज भारत’ मेरे लिए पूरी तरह से काम करता है। मुझे लगता है कि ये घबराहट भरी प्रतिक्रियाएं हैं, इसमें सरकार को थोड़ा डर है और यह ध्यान भटकाने की रणनीति है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दल हमारे गठबंधन के लिए I.N.D.I.A नाम लेकर आए। ये शानदार विचार है, क्योंकि यह दर्शाता है कि हम कौन हैं? उन्होंने कहा कि हम खुद को भारत की आवाज मानते हैं इसलिए यह शब्द हमारे लिए बहुत अच्छा काम करता है। लेकिन यह वास्तव में प्रधान मंत्री को बहुत परेशान करता है कि वे देश का नाम बदलना चाहते हैं जो बेतुका है।
राहुल गांधी की ये टिप्पणी राष्ट्रपति मुर्मू के G20 रात्रिभोज निमंत्रण की पृष्ठभूमि में आई, जो ‘भारत के राष्ट्रपति’ के नाम पर था। निमंत्रण पत्र के सामने आने के बाद संसद के आगामी विशेष सत्र में भारत का नाम बदलने की सरकार की योजना के बारे में अटकलें तेज हो गईं।
इस चर्चा के पीछे एक और तर्क ये कि प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से संबंधित एक दस्तावेज़ में INDIA के बजाय भारत का उल्लेख किया गया था, जिसमें मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया गया था। इसके अलावा पीएम मोदी G20 समिट के पहले दिन जब सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे, तब उनके सामने रखे बोर्ड पर भी भारत लिखा था।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए, राहुल गांधी ने कहा कि जब भी उन्होंने या उनकी पार्टी कांग्रेस ने अडानी मुद्दे या साठगांठ वाले पूंजीवाद का मुद्दा उठाया, तो प्रधानमंत्री ध्यान भटकाने के लिए कुछ न कुछ ले आए, जिससे लोगों का ध्यान भटके।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर पलटवार किया और शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक सार्वजनिक बैठक में कहा कि 2024 के लिए, हमने एक गठबंधन बनाया है और इसे I.N.D.I.A नाम दिया है। जैसे ही हमने ये नाम रखा तो बीजेपी वाले घबरा गए। अब, वे कह रहे हैं कि देश का नाम ‘भारत’ होना चाहिए…यह संविधान में पहले से ही मौजूद है।
उन्होंने कहा कि हम भारत से बहुत प्यार करते हैं… राहुल जी 4,500 किमी तक चले, इसे भारत जोड़ो यात्रा नाम दिया गया। हम भारत को जोड़ रहे हैं, लेकिन आप (भाजपा) इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अगर बीजेपी को ‘इंडिया’ शब्द से नफरत है तो उनके पास स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाएं क्यों हैं?
खड़गे ने कहा कि हम किसी के खिलाफ नहीं बोलते। हम मनरेगा लाए…उसे महात्मा गांधी का नाम दिया। हम खाद्य सुरक्षा कानून लेकर आए…उसे किसी का नाम नहीं दिया। हम बच्चों की अनिवार्य शिक्षा के लिए आरटीई लाए… इसे किसी का नाम नहीं दिया। हम हमेशा गरीबों के कल्याण के बारे में सोचते हैं, नाम कमाने के बारे में नहीं।
योजनाओं के नाम बदलने के शौक को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा कि उन्होंने (सरकार ने) हाल ही में नेहरू संग्रहालय का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय कर दिया है। वे पंडित जवाहरलाल नेहरू से नफरत क्यों करते हैं? उन्होंने देश में लोकतंत्र की नींव रखी, 14 साल तक जेल में रहे। लेकिन वे ऐसे शख्स का म्यूजियम बंद करना चाहते हैं। पीएम मोदी दिन-रात सिर्फ झूठे वादे करते हैं।
वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि जब I.N.D.I.A की बैठक चल रही थी तो उन्होंने संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र बुलाया। अब वे कह रहे हैं कि वे इंडिया शब्द को हटा देंगे और इसका नाम भारत कर देंगे। आप I.N.D.I.A से इतने डरे हुए क्यों हैं?
उन्होंने कहा कि अगर आपको भारत से दिक्कत है तो क्या आप पासपोर्ट से INDIA शब्द हटा देंगे? क्या आप करेंसी से INDIA शब्द हटाने को तैयार होंगे? अगर INDIA शब्द से दिक्कत है तो क्या आप फिर से नोटबंदी लाएंगे, क्योंकि नोटों पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया लिखा होता है?
उन्होंने देश के कई संस्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि आधार कार्ड, एम्स, आईआईएम, आईआईटी, इसरो और कई अन्य स्थानों पर भी INDIA का नाम है। प्रतापगढ़ी ने कहा कि आप INDIA को कितनी जगहों से हटाना चाहते हैं? आप भारत को क्यों बांटना चाहते हैं?
इस बीच, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गुरदीप सप्पल ने कहा कि मोदी सरकार 200 से अधिक योजनाएं चला रही है। इनमें से 52 के नाम INDIA के नाम पर हैं। प्रधानमंत्री के नाम पर 22, जबकि सिर्फ पांच ऐसी योजनाएं हैं, जिनके नाम में भारत शब्द है।
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