भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया है. इस फ्रेमवर्क का मकसद टैरिफ कम करना, व्यापार में आने वाली अड़चनों को दूर करना और आगे चलकर एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता साफ करना है. इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैरिफ में कटौती करेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कई भारतीय सामानों पर टैरिफ को 18 फीसदी तक सीमित करने पर सहमत हुआ है. इससे भारत के कपड़ा, जूते, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद और बाकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है. अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पहले से सस्ते होंगे, जिससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद है.
खबर अपडेट की जा रही है...
भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया है. इस फ्रेमवर्क का मकसद टैरिफ कम करना, व्यापार में आने वाली अड़चनों को दूर करना और आगे चलकर एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता साफ करना है. इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैरिफ में कटौती करेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका कई भारतीय सामानों पर टैरिफ को 18 फीसदी तक सीमित करने पर सहमत हुआ है. इससे भारत के कपड़ा, जूते, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद और बाकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है. अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पहले से सस्ते होंगे, जिससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद है.
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