बांग्लादेश की सरकार ने भारत के सामने एक खास शर्त रखी है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान तभी भारत आएंगे, जब वो शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजेगा. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने भारत के बुलावे पर एक ऑफिशियल बयान जारी किया है. उनका कहना है कि तारीक रहमान की भारत यात्रा के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाना ज़रूरी है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का ये बयान नई दिल्ली में शेख हसीना की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आया है.

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बांग्लादेश ने क्या कहा?

बांग्लादेश ने भारत सरकार से द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए कहा कि वो शेख हसीना और बाकी भगोड़े अपराधियों को जल्द से जल्द उन्हें वापस सौंपे. बांग्लादेश ने पॉलिटिकल एक्टिविस्ट उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को भी उनके हवाले करने की मांग की है. दरअसल, उस्मान हादी की हत्या के मामले में बंगाल STF ने दो आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बनगांव से मार्च के महीने में गिरफ्तार किया था.

शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आपत्ति

बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को दोषी ठहराया है, जिसके बावजूद उन्होंने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है. बांग्लादेश का कहना है कि शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस से दोनों देशों के रिश्तों पर काफी असर पड़ा है. जबकि, दूसरी ओर भारत सरकार ने ये साफ कर दिया है कि शेख हसीना की प्रेस वार्ता का भारत सरकार से कोई लेना-देना नहीं है. MEA ने कहा कि बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के सरेंडर को लेकर मिला अनुरोध फिलहाल जांच के दायरे में है.

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