सावधान: देश के 16.8 करोड़ लोगों का बिक गया पर्सनल डेटा, आर्मी की 'गोपनीय' जानकारी भी लीक, आप कितने हैं चौकन्ने?
Edited By Bhola Sharma

इस गिरोह ने सेना को भी नहीं बख्शा।
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इस गिरोह ने सेना को भी नहीं बख्शा।
Hyderabad: नई टेक्नोलॉजी से जहां चीजें आसान हुई हैं, वहीं साइबर ठगी के मामले में भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला हैदराबाद से सामने आया है। यहां की साइबराबाद पुलिस ने साइबर क्राइम करने वाले सबसे बड़े गिरोह का खुलासा किया है। छह आरोपी पकड़े गए हैं। इस गिरोह ने देश के 16.8 करोड़ लोगों का पर्सनल डेटा चुराकर बेच दिया है।
इस गिरोह ने सेना को भी नहीं बख्शा। दिल्ली सेना से जुड़े ढाई लाख लोगों और 35 हजार सरकारी कर्मचारियों का डेटा चोरी किया है। ये राष्ट्र के काफी संवेदनशील और खतरा है।
हमने संवेदनशील और गोपनीय डेटा बेचने के मामले में 6 लोगों को गिरफ़्तार किया है। यह लोग सरकारी और प्राइवेट डेटा बेचते थे। इन लोगों ने करीब 16.8 करोड़ लोगों का डेटा बाज़ार में बेचा है। इनके पास सेना में काम कर रहे लोगों को भी डेटा था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा था:साइबराबाद CP pic.twitter.com/nxXGf7o9Wc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 23, 2023
साइबराबाद के सीपी स्टीफन रवींद्र ने बताया कि इस गिरोह ने 140 से ज्यादा कैटेगरी के डेटा बेचा है। जिसमें सरकारी और महत्वपूर्ण संगठनों के संवेदनशील और गोपनीय डेटा शामिल हैं। साथ ही छात्रों, महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों, लोनधारकों, बीमाधारकों, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, फेसबुक, वॉट्सऐप के जरिए डेटा चुराकर उन्हें बेचता था।
इनके पास 1.20 करोड़ लोगों का वॉट्सऐप डेटा मिला है। जबकि 17 लाख फेसबुक यूजर्स की उम्र, ईमेल आईडी, फोन नंबर सहित जानकारी भी मिली है। बताए जा रहे हैं कि आरोपी डेटा मार्ट इन्फोटेक, ग्लोबल डेटा आर्ट्स और एमएस डिजिटल से जुड़े हुए थे।
पुलिस को संदेह है कि 3 करोड़ लोगों के मोबाइल नंबर डेटाबेस टेलीकॉम कंपनियों से लीक हुए थे। जिनका इस्तेमाल विभिन्न अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। इसके अलावा संदिग्धों के कब्जे से कई नामी बैंकों के क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड डेटा भी पाए गए।
स्टीफन रवींद्र ने कहा कि रक्षा और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित डेटा का इस्तेमाल जासूसी और गंभीर अपराधों के लिए किया जा सकता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि पैन कार्ड से संबंधित डेटा का उपयोग बड़ी संख्या में साइबर अपराध करने के लिए किया जा रहा है। लोगों को इसके प्रति चौकन्ना रहना होगा।
साइबर अटैक से बचने के लिए सबसे कारगर उपाय आपकी सतर्कता ही है। आप अपने मोबाइल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज, ईमेल, फोन कॉल्स और वीडियो कॉल्स का कोई रिस्पांस न दें।
इसके अलावा अगर आप साइबर फ्रॉड से बचना चाहते हैं तो अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट्स (बैंक और सोशल मीडिया) का मजबूत और यूनिक पासवर्ड बनाएं और इसे किसी से शेयर न करें। साथ ही कुछ महीनों के अंतराल पर इन पासवर्ड्स को अपडेट भी करते रहें।
संदेह वाले किसी भी तरह के ईमेल और लिंक्स से बिलकुल सावधान रहें। न समझ आने वाले और अनजान सोर्स के लिंक या अटैचमेंट को कभी भी डाउनलोड न करें।
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