अंग्रेजों के नियम से नहीं चलेगा देश, गृह मंत्री बोले- मोदी सरकार लाने वाली है तीन नए कानून

Home Minister Amit Shah attended Police Commemoration Day: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार तीन नए कानून लाने वाली है।

Home Minister Amit Shah attended Police Commemoration Day
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Home Minister Amit Shah attended Police Commemoration Day: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज, 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस में भाग लिया और राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा है कि सरकार तीन नए कानून लाने वाली है जो आपराधिक न्याय प्रणाली को बदल देंगे।

पुलिस की ड्यूटी सबसे कठिनः अमित शाह

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा, “किसी भी देश में, सीमा सुरक्षा या आंतरिक सुरक्षा बिना पुलिस बल के संभव नहीं है। किसी भी मौसम या त्योहार में देश की सेवा करने वाले सभी लोगों के बीच पुलिस की ड्यूटी सबसे कठिन है। एक पुलिसकर्मी हमेशा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहता है। चाहे आतंकवाद हो, अपराध हो या भारी भीड़, पुलिस हमेशा आम लोगों की जान की सुरक्षा के लिए मौजूद रहती है। हमारे देश की पुलिस हमेशा हर बिंदु पर खुद को साबित करती आई है।”

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आपराधिक न्याय प्रणाली पर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ”भारत सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन नए कानून ला रही है जो हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली को बदल देंगे। ये तीनों ब्रिटिश काल के दौरान बनाए गए थे। अब इन कानूनों में न केवल भारतीयता झलकेगी, बल्कि लोगों के अधिकारों की भी झलक मिलेगी। हमारे संविधान की भावना के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की भी रक्षा की जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, ”आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री ने अमृत काल का आह्वान किया है। आजादी के 75 साल पूरे हो गए हैं, 76वें साल से लेकर आजादी के सौ साल तक ये 25 साल देश को दुनिया में शीर्ष स्थान पर ले जाने का समय है। इसके लिए 130 करोड़ लोगों ने मिलकर संकल्प लिया है।”

शाह ने पुलिस कर्मियों के योगदान की सराहना की

गृह मंत्री ने पुलिस कर्मियों के देश की विकास में अहम योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के कारण पिछले एक साल में आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सली हमलों में 65 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति से लेकर जम्मू-कश्मीर तक की स्थिति को संभालने में हमारे सैनिकों की अहम योगदान है।

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उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमने न सिर्फ सख्त कानून बनाए हैं, बल्कि पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना कर हमारा प्रयास है कि हम आतंकवाद के खिलाफ सबसे पावरफुल बनें।”

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1959 में मारे गए 10 भारतीय सैनिक

आपको बता दें कि, 21 अक्टूबर, 1959 को हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों ने हमारे 10 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सैनिकों को मार दिया था। उन्हीं बहादुर सैनिकों की याद में हर साल ‘पुलिस स्मृति दिवस’ मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर, 2018 को पुलिस स्मृति दिवस पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया था। यह स्मारक पुलिस बलों को राष्ट्रीय पहचान, गौरव, उद्देश्य की एकता, सामान्य इतिहास और नियति की भावना देता है।

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