जीते जी सोनम रघुवंशी का हुआ पिंडदान, पति की हत्या करने से आक्रोशित महिलाओं ने किया क्रिया-क्रम

राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी द्वारा हत्या की साजिश रचने की जानकारी सामने आई, इससे लोग आक्रोशित हो गए। अब वाराणसी में महिलाओं ने आक्रोशित होकर सोनम का जीवित रहते पिंडदान कर डाला। महिलाओं ने कहा कि ऐसे कर्म करने वाली को नरक में भी स्थान नहीं मिलेगा। पढ़ें मुंबई से इन्द्रजीत सिंह की रिपोर्ट।

Sonam Raghuvanshi

सोनम रघुवंशी का किया गया पिंडदान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

विज्ञापन

राजा रघुवंशी हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पूरा देश हैरान रह गया कि आखिर शादी के कुछ ही दिनों बाद हुई हत्या में पत्नी शामिल क्यों हो गई थी? अभी तक जो सामने आया है, उसके अनुसार सोनम रघुवंशी का राज कुशवाहा नाम के एक शख्स के साथ संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार ने अनुमति नहीं दी। इस वजह से शादी के कुछ ही दिन बाद सोनम ने अपने पति राजा की हत्या की साजिश रच डाली। इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया और सोनम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी। अब वाराणसी में कुछ महिलाओं ने जीवित रहते हुए ही सोनम का पिंडदान कर दिया है।

राजा का परिवार बोला- सोनम हमारे लिए मर चुकी

सोनम, राजा रघुवंशी की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर इस हत्याकांड को अंजाम क्यों दिया गया? अगर हत्या करनी थी, तो शादी क्यों की? हत्या के बजाय कोई और रास्ता क्यों नहीं चुना? राजा का परिवार भी बहू के कृत्य से आक्रोशित है और कह चुका है कि अब वह हमारे लिए मर चुकी है, उसका पिंडदान कर देना चाहिए।

Advertisment

वाराणसी में महिलाओं ने किया पिंडदान

सोनम की हरकत से नाराज कुछ महिलाओं ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर उसका पिंडदान कर दिया। बताया गया कि ये महिलाएं रघुवंशी समाज से जुड़ी हुई थीं। उनका कहना था कि सोनम को तो नरक में भी जगह नहीं मिलेगी। पिंडदान करने के बाद महिलाओं ने सोनम रघुवंशी की फोटो गंगा में यह कहते हुए नहीं फेंकी कि इससे गंगा अपवित्र हो जाएंगी।

महिलाओं ने सोनम की फोटो में आग लगा दी और कहा कि अपने पति को मारने वाली महिला को समाज में रखना ही गलत है। ऐसा करने वाली महिला को समाज से बाहर कर देना चाहिए, उसे नरक में भी जगह नहीं मिलनी चाहिए।

यहां देखें वीडियो


क्या जीवित व्यक्ति का पिंडदान हो सकता है? इस सवाल के जवाब में एक पुरोहित का कहना है कि वैसे तो सनातन धर्म में मरे हुए व्यक्ति का ही पिंडदान किया जाता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति दंडी स्वामी हो या समाज से बहिष्कृत किया जा चुका हो, तो उसके जीवित रहते हुए भी पिंडदान किया जा सकता है।

विज्ञापन

बता दें कि जब राजा के परिवार ने सोनम का पिंडदान करने की बात कही, तो सोनम के भाई गोविंद ने कहा था कि हमने शादी की है, हम उसका पिंडदान नहीं कर सकते, लेकिन अगर राजा के परिजनों को करना है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ