मिलते हैं दिव्य संकेत...होती है बच्चों की पहचान; क्या है गदेन फोद्रांग ट्रस्ट? दलाईलामा के चयन में जिसकी है अहम भूमिका

Gaden Phodrang Trust plays important role in selection of Dalai Lama: 6 जुलाई को दलाई लामा का 90वें जन्मदिन समारोह है। नए दलाई लामा के चयन को लेकर भारत और चीन में तनाव बना हुआ है। गदेन फोद्रांग ट्रस्ट दलाईलामा के चयन में अहम भूमिका निभाती है।

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दलाई लामा

Dalai Lama Next Successor: दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने को लेकर इन दिनों भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इस मुद्दे पर जहां इंडिया सख्त रुख अपना रहा है, वहीं, चीन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बारे में कहा कि उत्तराधिकारी का फैसला केवल दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध परंपराओं के आधार पर होगा। जबकि चीन चाहता है कि अगला दलाई लामा बीजिंग की स्वीकृति से तिब्बत में चुना जाए। इस सब के बीच इन दिनों एक ट्रस्ट का नाम काफी चर्चा में बना हुआ है, ये है गदेन फोद्रांग ट्रस्ट (Gaden Phodrang Trust). दरअसल, ये ट्रस्ट तिब्बती बौद्ध धर्म की गेलुग परंपरा की एक महत्वपूर्ण संस्था है।

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यह मुद्दा तब मीडिया की सुर्खियों में आया जब 2 जुलाई को 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने ये ऐलान किया कि अगले दलाई लामा का चयन केवल गदेन फोद्रांग ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि नए दलाई लामा के चयन में किसी बाहरी व्यक्ति, संगठन या देश को हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि चीनी सेना के विद्रोह के बाद 17 मार्च 1959 को 23 वर्षीय दलाई लामा ने ल्हासा छोड़ दिया था। इसके बाद 31 मार्च 1959 को दलाई लामा अपने कुछ समर्थकों के साथ भारत में दाखिल हुए थे।

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क्या है गदेन फोद्रांग ट्रस्ट, कैसे दलाईलामा के चयन में निभाता है अहम भूमिका?

जानकारी के अनुसार गदेन फोद्रांग की स्थापना 17वीं सदी में 5वें दलाई लामा न्गावांग लोबसांग ग्यात्सो ने की थी। बताया जाता है कि उस समय इस ट्रस्ट को दलाई लामा की आध्यात्मिक और प्रशासनिक विरासत को बनाए रखने के लिए बनाया गया था। अब ये ट्रस्ट दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दरअसल, गेलुग परंपरा के वरिष्ठ लामा और गदेन फोद्रांग ट्रस्ट के सदस्य संकेतों और दर्शन के माध्यम से नए दलाई लामा की पहचान करते हैं।

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6 जुलाई को दलाई लामा का 90वें जन्मदिन समारोह है, हो सकता है उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान

नए दलाई लामा या उनके पुनर्जन्म की पहचान के लिए पहले कुछ संभावित बच्चों की पहचान की जाती है। इन बच्चों की पहचान पिछले दलाई लामा की वस्तुओं को पहचानना और जैसे प्रार्थना माला आदि संकेतों से गेलुग परंपरा के वरिष्ठ लामा करते हैं। बता दें इन बच्चों का चयन पूरी तरह तिब्बती बौद्ध मान्यताओं के अनुसार होता है। जानकारी के अनुसार भारत में गदेन फोद्रांग ट्रस्ट का आश्रम या कार्यालय धर्मशाला में है। बता दें 6 जुलाई को दलाई लामा का 90वें जन्मदिन समारोह है। हो सकता है कि इस दिन उत्तराधिकारी को लेकर कोई ऐलान कर दिया जाए। हालांकि अभी तक ट्रस्ट की तरफ से इस बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है।

गदेन फोद्रांग ट्रस्ट बौद्ध धर्म की स्वायत्तता का प्रतीक

जानकारी के अनुसार गदेन फोद्रांग ट्रस्ट को तिब्बती बौद्ध धर्म की स्वायत्तता का प्रतीक माना जाता है। यह तिब्बती समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का काम कर रहा है। यह तिब्बती धार्मिक परंपराओं के खिलाफ लोगों, देश और संगठन से उसकी रक्षा का काम कर रहा है।

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