संसद के ऊपरी सदन को अपना उप सभापति मिल गया है। राज्य सभा में हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उप सभापति चुन लिया गया है। उन्हें निर्विरोध चुना गया। पीएम मोदी समेत पक्ष-विपक्ष के दिग्गज नेताओं ने हरिवंश को बधाई दी। राष्ट्रपति ने हाल ही में उन्हें राज्य सभा के लिए नामित किया था। इससे पहले 2 कार्यकाल में हरिवंश जेडीयू के कोटे से राज्य सभा में गए थे।
पीएम मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि तीसरे कार्यकाल के लिए हरिवंश जी को बधाई। सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास है। कहा कि हरिवंश के नेतृत्व में सदन की शक्ति देखी है। अनुभव का सम्मान।
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बता दें कि हरिवंश नारायण का जन्म 30 जून 1956 को यूपी के बलिया जिले के सिताबदियारा में हुआ था। 27 टोलों का यह गांव सिताबदियारा देश के दो राज्यों बिहार और उत्तरप्रदेश तथा तीन जिलों आरा, बलिया और छपरा में आता है। हरिवंश ने बीएचयू से स्नातक व अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन पूरा किया। फिर बीएचयू के ही पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा पूरा किया।
राजनीतिक जीवन
हरिवंश को अप्रैल 2014 में जनता दल (यू) की ओर से बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित किया गया था। 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए पहली बार निर्वाचित किए गए। 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए दूसरी बार निर्वाचित किए गए थे। अब ये हरिवंश का तीसरा कार्यकाल होगा।
पत्रकार भी रहे हैं उप सभापति
हरिवंश ने राजनीति में रहकर राज्यसभा में इतिहास रचा है। लेकिन इससे पहले हरिवंश ने पत्रकारिता में भी नाम कमाया। टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप हरिवंश ने अपने पत्रकारिता करियर शुरू किया था। वहां से हिंदी पत्रिका ‘धर्मयुग’ में उप-संपादक तक सफर तय किया।
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