---विज्ञापन---

गुड न्यूज! बार में महिलाओं के काम करने पर लगी रोक हटी, देश के इस राज्य में विधेयक पारित

महिलाओं के नाइट बार में काम करने पर लगी रोक अब हट गई है। देश के एक राज्य ने एक्साइज एक्ट 1909 में संशोधन का विधेयक पारित कर दिया है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को होगा।

---विज्ञापन---

पश्चिम बंगाल के नाइट बार में अब महिलाएं भी काम कर सकेंगी। उन पर लगी रोक अब हट गई है, क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा ने 1909 के आबकारी अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक पारित कर दिया है। इसके साथ ही नाइट बार में महिलाओं के काम करने पर 116 साल पहले लगा प्रतिबंध हट गया है। पश्चिम बंगाल बंगाल आबकारी अधिनियम 1909 में संशोधन करने का उद्देश्य ON कैटेगरी की शराब की दुकानों में लिंग आधारित प्रतिबंधों को हटाना है, जिसका सबसे बड़ा फायदा महिलाओं को होगा।

यह भी पढ़ें:गुड न्यूज! अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें, देश के इस राज्य में जारी हुआ सरकारी फरमान

---विज्ञापन---

राज्यमंंत्री भट्टाचार्य ने पेश किया विधेयक

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने नाइट बार में महिलाओं को काम पर रखने पर 116 साल पुराने प्रतिबंध को हटाने के लिए विधेयक विधानसभा में पेश किया, जिसे सहमति से पारित कर दिया गया। विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव में आतिथ्य क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा कानूनों में संशोधन करने का प्रावधान किया गया है। पश्चिम बंगाल वित्त विधेयक 2025 को राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधानसभा में पेश किया था।

बंगाल आबकारी संधोधन अधिनियम 1909 का उद्देश्य ही ओएन श्रेणी की शराब की दुकानों में महिलाओं के रोजगार पर प्रतिबंध को हटाना है, क्योंकि ऐसा प्रावधान भेदभावपूर्ण है। राज्यमंत्री ने कहा कि अभी तक महिलाएं ऑन-शॉप पर काम नहीं कर सकती थीं, लकिन अब उन्हें यह अवसर मिलेगा। हम सभी लैंगिक समानता की बात करते हैं, इसलिए एक्ट में संशोधन करने का निर्णय लेते समय लैंगिक समानता की यही बात ध्यान में रखी।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें:बोनस न मिलने पर छीनीं 4 जिंदगियां, पुणे में टेम्पो ट्रैवलर में लगी आग का असली सच रिवील

विधेयक में अन्य प्रावधान भी किए गए

रिपोर्ट के अनुसार, नाइट बार में महिलाओं के काम करने पर प्रतिबन्ध अंग्रेजों द्वारा बनाए गए बंगाल आबकारी अधिनियम 1909 के तहत लगाया गया था। उस समय कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) भारत की राजधानी हुआ करता था। वहीं नया संशोधित विधेयक राज्य सरकार को अवैध शराब के निर्माण को रोकने के लिए गुड़ सहित अन्य कच्चे माल की आपूर्ति की निगरानी करने का अधिकार देता है। विधेयक में बंगाल कृषि आयकर अधिनियम 1944 में भी संशोधन किया जाएगा, ताकि चाय उद्योग, विशेष रूप से छोटे चाय बागानों को कर में राहत दी जा सके, जो महामारी के बाद से कठिनाई का सामना कर रहे हैं।

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---

पंजाब के शंभू बॉर्डर से किसान आंदोलन हटाने का फायदा किसे?

---विज्ञापन---

View Results

First published on: Mar 21, 2025 07:40 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola