El Nino Impact in India: भारत में साल 2026 के मानसून सीजन की शुरुआत बेहद अजीब और चिंताजनक रही है. देश में मौसम का एक ऐसा अनोखा रूप देखने को मिल रहा है जो हर किसी को हैरान कर रहा है. एक तरफ जहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत मध्य भारत के कई हिस्से भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं और तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक झुलसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के मेघालय में आसमान से ऐसी आफत बरसी है कि सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं.
मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मेघालय के मौसिनराम में 53 सेंटीमीटर और चेरापूंजी में 47 सेंटीमीटर रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है. एक ही देश में दो चरम मौसमी परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं- कहीं सूखा और भयंकर गर्मी है, तो कहीं बाढ़ जैसे हालात हैं.
आखिर क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज?
वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम के इस अजीब बर्ताव के पीछे 'अल-नीनो' (El Nino) का गहरा प्रभाव है. प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की यह घटना इस बार इतनी तेजी से बढ़ रही है कि यह 'सुपर अल-नीनो' का रूप ले सकती है. इसके कारण मानसून की हवाएं कमजोर पड़ गई हैं और नमी की कमी की वजह से मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा है. यही वजह है कि मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है.
जून में आधा सूखा रह गया देश
आईएमडी के मुताबिक, 20 जून 2026 तक पूरे देश में होने वाली सामान्य बारिश में 41 से 46 प्रतिशत तक की भारी कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने इस साल सामान्य से काफी कम बारिश होने की आशंका जताई है. जून के महीने में पानी की इस भारी किल्लत ने देश के सामने जल संकट और खेती-किसानी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
El Nino Impact in India: भारत में साल 2026 के मानसून सीजन की शुरुआत बेहद अजीब और चिंताजनक रही है. देश में मौसम का एक ऐसा अनोखा रूप देखने को मिल रहा है जो हर किसी को हैरान कर रहा है. एक तरफ जहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र समेत मध्य भारत के कई हिस्से भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं और तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक झुलसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के मेघालय में आसमान से ऐसी आफत बरसी है कि सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं.
मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में मेघालय के मौसिनराम में 53 सेंटीमीटर और चेरापूंजी में 47 सेंटीमीटर रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है. एक ही देश में दो चरम मौसमी परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं- कहीं सूखा और भयंकर गर्मी है, तो कहीं बाढ़ जैसे हालात हैं.
आखिर क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज?
वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम के इस अजीब बर्ताव के पीछे ‘अल-नीनो’ (El Nino) का गहरा प्रभाव है. प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की यह घटना इस बार इतनी तेजी से बढ़ रही है कि यह ‘सुपर अल-नीनो’ का रूप ले सकती है. इसके कारण मानसून की हवाएं कमजोर पड़ गई हैं और नमी की कमी की वजह से मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा है. यही वजह है कि मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है.
जून में आधा सूखा रह गया देश
आईएमडी के मुताबिक, 20 जून 2026 तक पूरे देश में होने वाली सामान्य बारिश में 41 से 46 प्रतिशत तक की भारी कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने इस साल सामान्य से काफी कम बारिश होने की आशंका जताई है. जून के महीने में पानी की इस भारी किल्लत ने देश के सामने जल संकट और खेती-किसानी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.