संसद में बजट सत्र चल रहा है। 29 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया है। इस रिपोर्ट में पिछले एक साल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का 'लेखा-जोखा' शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट बताया गया कि साल 2025 की शुरुआत और अंत अलग-अलग वैश्विक अपेक्षाओं के साथ हुआ, लेकिन भारत की मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति बनी रही।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान है।इसके अलावा रिपोर्ट में तकनीकि पर खासा ध्यान दिया गया है। रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर अलग से चैप्टर शामिल किया गया है। रिपोर्ट में वैश्विक अनिश्चितता का भी जिक्र किया गया है। इसका उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था का वैश्विक प्रभाव को कम करना है।
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया कि पोस्ट-कोविड दौर में भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत रही, पहली तिमाही के बाद अगली दो तिमाहियों में भी सुधार हुआ। केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें घटाईं और तरलता बढ़ाई। बताया कि 2023 के मैक्रो-प्रूडेंशियल उपायों में ढील दी गई। FY26 बजट में घरों के लिए बड़े टैक्स ब्रेक, राजकोषीय घाटा 4.8% (लक्ष्य 4.9%) रहा और FY26 के लिए 4.4% का लक्ष्य तय किया गया है।
इकोनॉमिक सर्वे में क्या-क्या?
- FY21 के 9.2% से यूनियन फिस्कल डेफिसिट आधे से अधिक घटाने का वादा पूरा।
- 2025 में भारत को तीन क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड मिले—Morningstar DBRS, S&P और R&I।
- S&P का BBB- से BBB अपग्रेड लगभग दो दशकों में किसी बड़ी एजेंसी का पहला अपग्रेड रहा।
- अमेरिका द्वारा अप्रैल में 25% रिसिप्रोकल टैरिफ और अगस्त में अतिरिक्त 25% पेनल टैरिफ लगाए गए।
- इसके बावजूद, भारत के लिए शुरुआती लाभार्थी बनने की उम्मीद थी; ग्रोथ फोरकास्ट घटे, पर वास्तविकता में वृद्धि तेज हुई।
- GST में 2017 के बाद सबसे बड़ा सुधार लागू।
- न्यूक्लियर पावर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने और इंश्योरेंस में 100% FDI लागू।
- चार श्रम संहिताएं नोटिफाई; नियम शीघ्र लागू होने की उम्मीद।
- पर्यावरण मानदंडों में उद्योग-वार ढील; एकसमान 33% ग्रीन कवर से बदलाव।
- क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (जो डाउनस्ट्रीम उद्योगों को प्रभावित कर रहे थे) पर रोक।
- सरकार में तेज़ी और सुधारों की भावना स्पष्ट।
- पूरे वर्ष के लिए 7% और वास्तविक विकास दर की उम्मीद; अगले वर्ष भी 7%।
क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे?
आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) एक सरकारी दस्तावेज होता है। सर्वे रिपोर्ट को केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है। इस रिपोर्ट को बजट से पहले पेश किया जाता है। इकोनॉमिक सर्वे में देश की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की दिशा के बारे में विस्तार से मूल्यांकन शामिल होता है। सर्वे में देश के विकास, महंगाई के अनुमान और बेरोजगारी, व्यापार और फाइनेंशियल हेल्थ के बारे में भी जानकारी शामिल होती है।
संसद में बजट सत्र चल रहा है। 29 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया है। इस रिपोर्ट में पिछले एक साल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था का ‘लेखा-जोखा’ शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट बताया गया कि साल 2025 की शुरुआत और अंत अलग-अलग वैश्विक अपेक्षाओं के साथ हुआ, लेकिन भारत की मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति बनी रही।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान है।इसके अलावा रिपोर्ट में तकनीकि पर खासा ध्यान दिया गया है। रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर अलग से चैप्टर शामिल किया गया है। रिपोर्ट में वैश्विक अनिश्चितता का भी जिक्र किया गया है। इसका उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था का वैश्विक प्रभाव को कम करना है।
इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया कि पोस्ट-कोविड दौर में भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत रही, पहली तिमाही के बाद अगली दो तिमाहियों में भी सुधार हुआ। केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें घटाईं और तरलता बढ़ाई। बताया कि 2023 के मैक्रो-प्रूडेंशियल उपायों में ढील दी गई। FY26 बजट में घरों के लिए बड़े टैक्स ब्रेक, राजकोषीय घाटा 4.8% (लक्ष्य 4.9%) रहा और FY26 के लिए 4.4% का लक्ष्य तय किया गया है।
इकोनॉमिक सर्वे में क्या-क्या?
- FY21 के 9.2% से यूनियन फिस्कल डेफिसिट आधे से अधिक घटाने का वादा पूरा।
- 2025 में भारत को तीन क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड मिले—Morningstar DBRS, S&P और R&I।
- S&P का BBB- से BBB अपग्रेड लगभग दो दशकों में किसी बड़ी एजेंसी का पहला अपग्रेड रहा।
- अमेरिका द्वारा अप्रैल में 25% रिसिप्रोकल टैरिफ और अगस्त में अतिरिक्त 25% पेनल टैरिफ लगाए गए।
- इसके बावजूद, भारत के लिए शुरुआती लाभार्थी बनने की उम्मीद थी; ग्रोथ फोरकास्ट घटे, पर वास्तविकता में वृद्धि तेज हुई।
- GST में 2017 के बाद सबसे बड़ा सुधार लागू।
- न्यूक्लियर पावर को निजी क्षेत्र के लिए खोलने और इंश्योरेंस में 100% FDI लागू।
- चार श्रम संहिताएं नोटिफाई; नियम शीघ्र लागू होने की उम्मीद।
- पर्यावरण मानदंडों में उद्योग-वार ढील; एकसमान 33% ग्रीन कवर से बदलाव।
- क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (जो डाउनस्ट्रीम उद्योगों को प्रभावित कर रहे थे) पर रोक।
- सरकार में तेज़ी और सुधारों की भावना स्पष्ट।
- पूरे वर्ष के लिए 7% और वास्तविक विकास दर की उम्मीद; अगले वर्ष भी 7%।
क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे?
आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) एक सरकारी दस्तावेज होता है। सर्वे रिपोर्ट को केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है। इस रिपोर्ट को बजट से पहले पेश किया जाता है। इकोनॉमिक सर्वे में देश की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की दिशा के बारे में विस्तार से मूल्यांकन शामिल होता है। सर्वे में देश के विकास, महंगाई के अनुमान और बेरोजगारी, व्यापार और फाइनेंशियल हेल्थ के बारे में भी जानकारी शामिल होती है।