रक्षा अनुसंधान विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने बुधवार को एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल हवाई परीक्षण किया है. इसे एलआरजीआर के नाम से भी जाना जाता है. इस मिसाइल को सेना में शामिल करने से पहले लगभग 60 किलोमीटर तक का परीक्षण किया गया है.
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बता दें, ऐसा इसलिये भी किया गया है कि LOC और LAC बोर्डर की दूरी भारतीय सीमा रेखा से लगभग इतनी ही है. इस दौरान युद्ध में इस्तेमाल होने वाली सभी तरह की वार एक्सरसाइज का इस्तेमाल किया गया है.
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डीआरडीओ से मिली जानकारी के मुताबिक, पिनाका एलआरजीआर रॉकेट को डीआरडीओ से भविष्य के युद्ध को देखते हुए डिजाइन किया गया है. बता दें कि एक ही समय में कई अलग-अलग तरीके से रॉकेट को इन-सर्विस पिनाका लॉन्चर से लॉन्च किया गया है.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान-परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय सेना को बधाई दी है. उन्होंने इसे लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेटों के लिए स्वदेशी डिजाइन और विकास क्षमता में एक प्रमुख मील का पत्थर बताया है.
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