कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? सफदरजंग अस्पताल ने जारी की हेल्थ बुलेटिन
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी किया है. उन्हें आज दिल्ली पुलिस ने सुबह 7.40 बजे अस्पताल में भर्ती करवाया था.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jul 18, 2026 16:24
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jul 18, 2026 16:24
Share :
Credit: Social Media
---विज्ञापन---
NEET पेपर लीक मामले में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी किया है. उन्हें आज दिल्ली पुलिस ने सुबह 7.40 बजे अस्पताल में भर्ती करवाया था. दरअसल, लगातार जारी भूख हड़ताल की वजह से उनकी हालत बिगड़ रही थी, जिस वजह से उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, इतनी लंबे वक्त तक भूखे रहने के बावजूद वांगचुक को किसी तरह की बेहोशी नहीं आई. अस्पताल में भर्ती करते वक्त भी वो पूरी तरह होश में थे.
सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि भर्ती के वक्त उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन बिल्कुल नॉर्मल थे. हालांकि उनके शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी के लक्षण नज़र आए. ब्लड गैस एनालिसिस में कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस (Compensated Acidosis) और सीरम पोटैशियम का लेवल भी कम था. भर्ती के वक्त उनका ब्लड शुगर 78 mg/dl था. दोबारा की गई जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर पहले जैसा ही कम पाया गया. वांगचुक के यूरिन में कीटोन का लेवल 1+ था, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गया.
डॉक्टर्स ने क्या कहा?
डॉक्टर्स ने वांगचुक को इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड्स देने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने IV फ्लूइड्स, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड (ORS) और किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया. अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि वांगचुक की लगातार निगरानी की जा रही है और उनकी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए लगातार वांगचुक को काउंसलिंग भी दी जा रही है. आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के लोग लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इसी मुद्दे को लेकर वो भूख हड़ताल कर रहे थे, जिसकी वजह से उनकी तबीयत ज़रूर बिगड़ गई, लेकिन उनका हौसला अभी भी बुलंद है.
NEET पेपर लीक मामले में पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी किया है. उन्हें आज दिल्ली पुलिस ने सुबह 7.40 बजे अस्पताल में भर्ती करवाया था. दरअसल, लगातार जारी भूख हड़ताल की वजह से उनकी हालत बिगड़ रही थी, जिस वजह से उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, इतनी लंबे वक्त तक भूखे रहने के बावजूद वांगचुक को किसी तरह की बेहोशी नहीं आई. अस्पताल में भर्ती करते वक्त भी वो पूरी तरह होश में थे.
सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि भर्ती के वक्त उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन बिल्कुल नॉर्मल थे. हालांकि उनके शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी के लक्षण नज़र आए. ब्लड गैस एनालिसिस में कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस (Compensated Acidosis) और सीरम पोटैशियम का लेवल भी कम था. भर्ती के वक्त उनका ब्लड शुगर 78 mg/dl था. दोबारा की गई जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर पहले जैसा ही कम पाया गया. वांगचुक के यूरिन में कीटोन का लेवल 1+ था, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गया.
डॉक्टर्स ने क्या कहा?
डॉक्टर्स ने वांगचुक को इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड्स देने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने IV फ्लूइड्स, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड (ORS) और किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया. अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि वांगचुक की लगातार निगरानी की जा रही है और उनकी हेल्थ को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए लगातार वांगचुक को काउंसलिंग भी दी जा रही है. आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के लोग लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इसी मुद्दे को लेकर वो भूख हड़ताल कर रहे थे, जिसकी वजह से उनकी तबीयत ज़रूर बिगड़ गई, लेकिन उनका हौसला अभी भी बुलंद है.