Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: अलगाववादी नेता असिया अंद्राबी को उम्रकैद, बाकी दो को मिली 30-30 साल की सजा

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने UAPA मामले में अलगाववादी नेता असिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं सह-आरोपी सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 साल की सजा दी गई है. पढ़िए विमल कौशिक की ये रिपोर्ट

Author
Written By: Varsha Sikri Updated: Mar 24, 2026 20:53
Delhi Court Sentences Separatist Leader Asiya Andrabi to Life Imprisonment
Credit: Social Media

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने अलगाववादी नेता Asiya Andrabi को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत उम्रकैद की सजा दी है. ये फैसला एडिशनल सेशंस न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने सुनाया. कोर्ट ने इस मामले में आरोपी Sofi Fahmeeda और Nahida Nasreen को भी दोषी करार देते हुए 30-30 साल की सजा सुनाई है. तीनों आरोपियों को आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में दोषी पाया गया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वकीलों ने जो सबूत पेश किए हैं, उनके आधार पर ये साबित होता है कि आरोपियों ने देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की अलग-अलग धाराओं में भी दोषी करार दिया है.

NIA ने की जांच

इस पूरे मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) ने की थी. एनआईए के मुताबिक, असिया अंद्राबी ने भड़काऊ भाषणों के जरिए लोगों को उकसाने, देश के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम किया. एजेंसी ने ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने प्रतिबंधित संगठनों के साथ संपर्क बनाए रखा और अलगाववादी विचारधारा को फैलाने में एक्टिव भूमिका निभाई. गौरतलब है कि असिया अंद्राबी Dukhtaran-e-Millat नामक संगठन की प्रमुख रही हैं, जिसे UAPA के तहत बैन किया जा चुका है. इस संगठन पर लंबे समय से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं.

---विज्ञापन---

2018 में हुआ था केस दर्ज

एनआईए ने इस मामले में अप्रैल 2018 में केस दर्ज किया था. इसके बाद लंबी जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने फैसले में ये साफ किया कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ काम करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा. इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ कड़ा संदेश देता है.

---विज्ञापन---
First published on: Mar 24, 2026 08:51 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.