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UNSC को लेकर चीन का बदला रुख, भारत की दावेदारी का किया सम्मान, सीमा पर शांति पर जोर

चीन ने पहली बार भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता की मांग को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं. दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने और रिश्तों को बेहतर करने पर भी सहमति जताई है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 11, 2026 09:21
india china relations
Credit: Social Media

भारत और चीन के रिश्तों में एक नया मोड आया है . चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की आकांक्षाओं को समझने और उनका सम्मान करने की बात कही है. इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों में पॉजिटिव कदम माना जा रहा है. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. बातचीत के दौरान चीन की ओर से कहा गया कि वो भारत की ग्लोबल भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी बढ़ती जिम्मेदारियों को समझता है.

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चीन ने पहली बार दिया ऐसा बयान

ये पहली बार है जब चीन ने सार्वजनिक तौर से भारत की UNSC स्थायी सदस्यता को लेकर इतना साफ और पॉजिटिव बयान दिया है. अब तक चीन इस मुद्दे पर खुलकर समर्थन देने से बचता रहा है, जिससे भारत की उम्मीदों को झटका लगता रहा था. बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत-चीन बॉर्डर पर शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है. सीमा पर तनाव कम होने से ही द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार हो सकता है. नेताओं ने माना कि सीमा विवाद की वजह से पिछले कुछ सालों में रिश्तों में तनाव बढ़ा है.

क्यों खास है चीन का बयान?

इसके अलावा दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई. वीजा प्रक्रिया को आसान करने, उड़ानों को फिर से शुरू करने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इससे दोनों देशों के आम नागरिकों को भी फायदा मिलेगा. चीन ने भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन के सफल आयोजन में सहयोग देने की बात भी कही. इससे साफ है कि दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर साथ काम करना चाहते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का ये बयान भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर खास है, हालांकि UNSC की स्थायी सदस्यता का रास्ता अब भी लंबा और जटिल है.

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First published on: Feb 11, 2026 06:17 AM

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