हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं, सरकार…', तिरंगा मार्च से पहले कनॉट प्लेस के कारोबारियों की शिकायत पर CJP के अभिजीत दीपके

दीपके का यह बयान तब आया है जब ‘न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ ने पार्टियों और प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस से दूर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है.

विज्ञापन
कॉकरोच जनता पार्टी का शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च है. (Image - ANI)

कॉकरोच जनता पार्टी नेता अभिजीत दीपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले कहा कि कारोबार को नुकसान ‘शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों’ की वजह से नहीं, बल्कि तब होता है जब सरकार पूरे शहर को बंद कर देती है. दीपके का यह बयान तब आया है जब ‘न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ ने पार्टियों और प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस से दूर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है.

एसोसिएशन का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों में हुए विरोध प्रदर्शनों से कारोबार पर बुरा असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इससे कारोबारियों की कमाई पर असर पड़ा है. व्यापारियों के इस संगठन ने शुक्रवार शाम 5 बजे होने वाले प्रस्तावित मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने इलाके में विरोध प्रदर्शनों के चलते कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर राहत की मांग की है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उम्मीद है कि सभी लोग समझदारी से काम लेंगे.

यह भी पढ़ें : INDIA ब्लॉक के आगे झुका चुनाव आयोग? प्रदर्शन के बीच 24 घंटे में लिए 2 बड़े फैसले; 2018 में SC में किया था विरोध

विज्ञापन

दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘कारोबार को नुकसान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से नहीं होता. नुकसान तब होता है जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं बंद करने, अपने ही नागरिकों के आने-जाने पर रोक लगाने और शहर को वार जोन में बदलाने का फैसला लेती है.’

दीपके ने लंबी पोस्ट में कहा है, ‘अपनी शुरुआत से ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का यह मानना ​​रहा है कि हम हमेशा गांधीजी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे और हम अपने इस वादे पर कायम रहे हैं. हमने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में विरोध प्रदर्शन किए हैं और ये सभी पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहे हैं. जयपुर में मुझ पर खुद हमला किया गया था, लेकिन फिर भी मैंने पलटवार नहीं किया क्योंकि हिंसा का जवाब हिंसा से देना हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है. हम शारीरिक बल का इस्तेमाल करने के बजाय बीआर अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का उपयोग करना बेहतर समझते हैं. हमारी ताकत संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से आती है और चाहे कितना भी उकसाया जाए हम इन मूल्यों को कभी नहीं छोड़ेंगे.’

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : ‘सभी लोग समझदारी से काम लेंगे’, CJP के तिरंगा मार्च से पहले कारोबारियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

साथ ही उन्होंने कहा, ‘इसके बावजूद हमें लगातार ‘अराजकतावादी’ बताने की कोशिश की जाती है, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम चुप रहने से इनकार करते हैं. लेकिन सरकार से जवाब मांगना अराजकता नहीं है, सड़कों पर अन्याय के खिलाफ विरोध करना अराजकता नहीं है और सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछना तो बिल्कुल भी अराजकता नहीं है. ये लोकतंत्र के सबसे बुनियादी रूप हैं.’

विज्ञापन

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘आज जो पार्टी सत्ता में है उसने विपक्ष में रहते हुए दशकों तक विरोध प्रदर्शन किए, सड़कों पर उतरी और तत्कालीन सरकारों से सवाल पूछे. अगर उस समय उनके खिलाफ भी वैसी ही पाबंदियां लगाई जातीं, उन्हें डराया-धमकाया जाता या पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ता, तो आज सत्ता के पदों पर बैठे कई लोग शायद वहां तक ​​कभी नहीं पहुंच पाते. यह बहुत बड़ा पाखंड है कि जब आप विपक्ष में हों तो विरोध प्रदर्शन को ‘लोकतांत्रिक अधिकार’ मानकर उसका समर्थन करें और जब आप सत्ता में आ जाएं तो उसी काम को ‘सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा’ बताने लगें.

यह भी पढ़ें : ‘IB कर रही पीछा…’, CJP की तिरंगा यात्रा से अभिजीत दीपके का दावा, कहा- दिल्ली पुलिस ले सकती है हिरासत में

विज्ञापन

साथ ही दीपके ने कहा, जनता द्वारा चुनी गई सरकार का यह फर्ज है कि वह लोगों की बात सुने, न कि उन्हें चुप कराए.लोकतंत्र सिर्फ वोट की गिनती पूरी होने के साथ खत्म नहीं हो जाता.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola