भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून फिर एंट्री कर चुका है. एक पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव है, जिसके चलते बीते 2 दिन से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ मैदानों में बारिश हो रही है. जिससे दोनों राज्यों में ठंड की शुरुआत हो गई है. वहीं मैदानी राज्यों में भी हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अक्टूबर तक दक्षिण और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश होने की संभावना जताई है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बर्फबारी एवं मैदानों में बारिश हो सकती है. इससे देश के बाकी राज्यों में ठंड बढ़ेगी और सर्दी का सीजन शुरू हो जाएगा.
बद्रीनाथ और केदारनाथ में माइनस में पहुंचा तापमान
IMD के अनुसार, बीते दिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में मौसम बदला और 7 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे. इससे तापमान में 2 डिग्री की गिरावट आई. आज भी बारिश होने और ओले गिरने का अलर्ट है. उत्तराखंड में केदारनाथ, चोपता, हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ के पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है, जिससे केदारनाथ में तापमान -6°C और बद्रीनाथ में -5°C रिकॉर्ड हुआ. बिहार में पछुआ हवाएं चलने से हल्की 17 और 18 अक्टूबर को बूंदाबांदी हो सकती है. उत्तर प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में गरज चमक के साथ बादल बरस सकते हैं. मध्य प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से अगले 4 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट है.
21 अक्टूबर तक दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के बादल बीते दिन तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में जमकर बरसे. उत्तर-पूर्वी मानसून के असर से 21 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है. हरियाणा, पंजाब और उसके आस-पास के इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है. उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र होते हुए पूर्वी-मध्य अरब सागर तक मानसूनी बादलों की ‘ट्रफ’ बनी हुई है. इन सभ मौसमी परिस्थितियों के कारण देशभर में मौसम करवट बदलेगा और तापमान गिरने से ठंड का असर भी बढ़ता जाएगा.
हिमाचल और जम्मू में कहां बारिश कहां बर्फबारी?
बता दें कि बीते दिन हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रा, लाहौल घाटी, किन्नौर, धौलाधार पर्वत श्रृंखला, शिंकुला दर्रा, बारालाचा दर्रा, साच पास, चंसल और कुंजम दर्रे में बर्फबारी हुई. निचले इलाकों गग्गल (114 मिमी), डलहौजी (112 मिमी), धर्मशाला (111 मिमी), देहरा गोपीपुर (96 मिमी) समेत कई शहरों में बारिश होने से मौसम ठंडा हुआ. जम्मू-कश्मीर में डोडा के पहाड़ी इलाके, पुंछ और पीर पंजाल रेंज में, बांदीपोरा की गुरेज घाटी, कठुआ जिले में छत्रगला, कैलाशकुंड, सोनाबैन और नुकनल्ली की पहाड़ियों में बर्फबारी हुई. जम्मू के मैदानी और निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बादल बरसे, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम भी ठंडा हुआ.
5 दिन दक्षिण भारत के इन राज्यों में बरसेंगे बादल
IMD के अनुसार, 21 अक्टूबर तक तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक में बादल बरस सकते हैं. 18 से 20 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में बारिश होने की संभावना है. कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने, बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी से 60 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है.
उत्तर-पश्चिम भारत में इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने, बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी से 60 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है. कहीं-कहीं बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं, जिससे तापमान गिरेगा और ठंड का प्रकोप बढ़ेगा.