'आपके ही दोस्त थे…', सिंधिया-गुलाम नबी का नाम आते ही राहुल गांधी से बोले मल्लिकार्जुन खरगे; जानें कांग्रेस यूथ लीडर्स की मीटिंग की इनसाइड स्टोरी

राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया और सेवा दल से जुड़े 60 कार्यकर्ताओं को पार्टी हेडक्वार्टर चाय पर बुलाया था. उन्होंने उनसे कहा कि विरोध-प्रदर्शन और संघर्ष उनकी राजनीतिक ट्रेनिंग का एक अहम हिस्सा हैं.

Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, jyotiraditya scindia, Ghulam Nabi Azad, Congress, Congress meeting, NSUI, Seva dal, youth congress

मीटिंग में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे. (Image- Indian Youth Congress)

कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं और नेताओं की एक इंटरनल मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बीच का एक बेहद दिलचस्प वाकया देखने को मिला. पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने तुरंत हाजिरजवाबी दिखाते हुए राहुल पर ही कटाक्ष कर दिया.

विज्ञापन

राहुल गांधी ने क्या बोला?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान युवा कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा माहौल में जो लोग वैचारिक रूप से कमजोर थे या एजेंसियों के दबाव से डर गए, वे पार्टी छोड़ गए. राहुल गांधी ने कहा, ‘जो लोग कांग्रेस छोड़कर गए वे कायर और डरपोक थे. वे भाजपा और सरकार के दबाव का सामना नहीं कर पाए.’

विज्ञापन

राहुल ने आगे कहा कि जो लोग विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ डटे हुए हैं, वे असली ‘बब्बर शेर’ और निडर कार्यकर्ता हैं. इस दौरान राहुल गांधी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं का जिक्र करते हुए अप्रत्यक्ष तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया, गुलाम नबी आजाद और दूसरे पूर्व वरिष्ठ नेताओं की ओर इशारा किया.

विज्ञापन

खरगे की हाजिरजवाबी

वहां मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जैसे ही राहुल गांधी की यह बात सुनी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए मुस्कुराते हुए राहुल गांधी की तरफ मुखातिब होकर कहा, ‘लेकिन राहुल जी, वे सभी तो आपके ही दोस्त थे.’

खरगे का इशारा इस ओर था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा और आरपीएन सिंह जैसे नेता कभी राहुल गांधी के सबसे करीबी माने जाते थे.

विज्ञापन

फिर राहुल गांधी ने सुनाया इंदिरा का किस्सा

इस टिप्पणी पर थोड़ा असहज होते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरी बहन प्रियंका गांधी यहीं बैठी हैं. वह जानती हैं कि वह मेरे दोस्त नहीं थे.’ इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी से जुड़ा एक किस्सा सुनाया.

विज्ञापन

उन्होंने कहा, ‘मुझे सियासी सीख अपनी दादी से मिली. एक बार मैंने उनसे पूछा कि आपका सबसे अच्छा दोस्त कौन है? उन्होंने जवाब दिया कि उनका कोई सबसे अच्छी दोस्त नहीं है. मैंने एक ऐसी महिला का नाम लिया जो अक्सर हमारे घर आती थीं और पूछा कि क्या वह आपकी सबसे अच्छी दोस्त नहीं हैं? मेरी दादी ने कहा, ‘नहीं, हो सकता है कि मैं उनकी सबसे अच्छी दोस्त होऊं, लेकिन वह मेरी सबसे अच्छी दोस्त नहीं हैं.’

फिर राहुल गांधी ने खरगे की देखकर कहा, ‘मैं सियासी आदमी हूं. जो कोई मेरा दोस्त दिखता है, हो सकता है कि वह असल में दोस्त न हो, और जो मेरा दुश्मन लगता है, हो सकता है कि वह असल में दुश्मन न हो. आपके लिए यह पहचानना बहुत मुश्किल है कि मेरे असली दोस्त कौन हैं.’

विज्ञापन

क्या था कार्यक्रम?

बता दें, राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया और सेवा दल से जुड़े 60 कार्यकर्ताओं को पार्टी हेडक्वार्टर चाय पर बुलाया था. उन्होंने उनसे कहा कि विरोध-प्रदर्शन और संघर्ष उनकी राजनीतिक ट्रेनिंग का एक अहम हिस्सा हैं. ये कार्यकर्ता वहीं हैं, जो हाल ही में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ