Parliament Session Rules of Procedure: संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए पंजाब की खडूर साहिब सीट से लोकसभा सांसद ने पैरोल मांगी। जेल में कैद अमृतपाल ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि क्या संसद सत्र को ऑनलाइन जॉइन किया जा सकता है?
इसका जवाब देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष और सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SSG) सत्यपाल जैन पेश हुए और उन्होंने बताया कि संसद की नियमावली में सेशन को ऑनलाइन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वर्चुअल, हाइब्रिड जॉइन करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि कोरोना काल में संसदीय समितियों की बैठकें सांसदों ने ऑनलाइन जॉइन की थी, लेकिन संसद सत्रों के लिए ऐसा नहीं था।
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— SansadTV (@sansad_tv) February 11, 2026
The total expenditure for 2026–27 is ₹53.47 lakh crore, and the capital expenditure is ₹12.22 lakh crore, which is 3.1% of GDP and 11.5% higher than the Revised Estimates (RE) for 2025–26, said FM @nsitharaman in the Lok Sabha.#Budget2026 #UnionBudget… pic.twitter.com/c3RD7jKHia
एबसेंट होने पर कटेगा वेतन और भत्ता
बता दें कि संसद के सभी सत्रों में सांसदों को शारीरिक रूप से मौजूद रहना होगा। न सिर्फ सांसदों को, बल्कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों का मौजूद रहना भी अनिवार्य है। संसद की गरिमा और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मौजूदगी अनिवार्य गई है।
हालांकि संविधान में संसद सत्र में रेगुलर आने को लेकर कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन अनुच्छेद 101(4) के तहत लोकसभा में और अनुच्छेद 190(4) के तहत विधानसभा सत्र में अगर कोई सांसद परमिशन लिए बिना लगातार 60 दिन या 60 दिन से ज्यादा समय तक सदन में एबसेंट रहते हैं तो उनकी मेंबरशिप खत्म की जा सकती है।
अगर सदन में लेट आते हैं और सदन स्थगित हो जाता है तो उस दिन सांसद को एबसेंट माना जाएगा। संसद सत्र में रेगुलर आने पर दैनिक भत्ता मिलता है, लेकिन एबसेंट होने पर उस दिन का भत्ता कट जाएगा। कुछ मामलों में सैलरी भी कट सकती है। नियम 214 के तहत संसद सत्र के दौरान अगर किसी को छुट्टी चाहिए तो आवेदन करना पड़ेगा। परमिशन मिलने पर ही छुट्टी ले सकते हैं।
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Union Minister @LalanSingh_1 replies to the questions asked by members during #QuestionHour in #RajyaSabha regarding Funds for LHDCP and National Livestock Mission in Kerala@VPIndia pic.twitter.com/lgMCXgjgI2
2026 में अनिवार्य हुई बायोमेट्रिक अटेंडेंस
बता दें कि साल 2026 में संसद सत्र में डिजिटल अटेंडेंस की शुरुआत हुई है, यानी अब रजिस्टर पर साइन करके एंट्री करने करने की व्यवस्था बंद हो गई है, बल्कि सदन में आकर सीट पर बैठकर बायोमेट्रिक, स्मार्ट आई-कार्ड या PIN से अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। इसके लिए सीटों पर कंसोल लगाए गए हैं, नहीं तो एबसेंट मार्क हो जाएगा।
सदन स्थगित होने के बाद हाजिरी नहीं लगेगी, यानी सदन चल रहा हो तभी अटेंडेंस लगेगी, लेकिन यह सख्ती लोकसभा के लिए है, राज्यसभा में अभी एंट्री सिर्फ रजिस्टर पर साइन करके होती है। मंत्री, प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी उसी रजिस्टर पर साइन करेंगे, जिस पर सांसद करते हैं। कुल मिलाकर अब सांसद रजिस्टर में हाजिरी लगाकर बाहर के बाहर नहीं जा सकेंगे।










