Ayodhya Uttar Pradesh Ram Temple inaugurated by PM Modi Who are ancestors of Suryavanshi Thakurs: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले मंदिर और अयोध्या से जुड़ी तरह-तरह की रोचक जानकारियां सामने आ रही हैं। राम मंदिर और राम से जुड़ा पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले सूर्ववंशी ठाकुर भी चर्चा में हैं। इसका कारण 500 साल बाद उनका वनवास खत्म होना है। आज हम उनकी प्रतिज्ञा और उनके पूर्वजों के बारे में बताने जा रहे हैं। उन्होंने यह प्रतिज्ञा बाबर से हारने के बाद ली थी। अयोध्या के सरायरासी गांव में 90 प्रतिशत घरों में सूर्यवंशी रहते हैं।
अयोध्या के सूर्यवंशी ठाकुरों का दावा है कि वे भगवान राम के वंशज हैं। उनके पूर्वजों ने 500 साल पहले एक प्रतिज्ञा ली थी जिसे अब वे खत्म कर देंगे। इसकी वजह राम मंदिर का निर्माण हो जाना है। सूर्यवंशी ठाकुरों के पूर्वजों ने आज से 500 साल पहले प्रतिज्ञा ली थी कि जबतक राम मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता तबतक वे पगड़ी और चमड़े के जूते नहीं पहनेंगे। साथ ही उन्होंने छाता इस्तेमाल नहीं करने की भी प्रतिज्ञा ली थी। सूर्यवंशी ठाकुर 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपनी प्रतिज्ञा खत्म देंगे।
मुगलों पर कर दिया था हमला
यूपी के अयोध्या और उसके पड़ोसी जिले बस्ती में नदी के किनारे सूर्यवंशी ठाकुर रहते हैं। करीब 100 गांवों में इनका निवास है। कहा जाता है कि सूर्यवंशी ठाकुरों ने मुगलों की सेना से लड़ाई भी लड़ी थी। 90 हजार सूर्यवंशियों ने मुगलों पर हमला कर दिया था। यह युद्ध 6 दिनों तक चला था जिसमें कई क्षत्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। राम मंदिर बन जाने पर उन्होंने फिर से पगड़ी पहन ली है। इस समुदाय के लोगों के बीच राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जश्न का माहौल है।