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असम कांग्रेस को लगेगा बड़ा झटका! हिमंता सरमा का दावा- 22 फरवरी को BJP में शामिल होंगे भूपेन बोरा

असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके घर जाकर मुलाकात की और इस बड़ी 'घरवापसी' का एलान किया.

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 17, 2026 23:33

असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म होता नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को दावा किया कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो जाएंगे. मुख्यमंत्री के अनुसार उनके साथ कांग्रेस के कई अन्य बड़े नेता भी भाजपा की सदस्यता लेंगे. गौरतलब है कि भूपेन बोरा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व के मनाने पर उन्होंने अपना फैसला टाल दिया था. हालांकि अब हिमंत बिस्वा सरमा के बयान ने साफ कर दिया है कि बोरा ने अपना मन बदल लिया है.

सीएम का स्वागत और घरवापसी का बयान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद गुवाहाटी में भूपेन बोरा के घर पहुंचे, जहाँ बोरा के परिवार ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया. हिमंत ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बोरा की जॉइनिंग को पहले ही मंजूरी दे दी है और पार्टी में उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इस कदम को बोरा के लिए ‘घरवापसी’ बताया और कहा कि भाजपा उन लोगों की पार्टी है जो विरासत की राजनीति में यकीन नहीं रखते हैं. उन्होंने यह वादा भी किया कि वह विधानसभा चुनाव में बोरा को एक सुरक्षित सीट से जिताने में पूरी मदद करेंगे, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को नई मजबूती मिलेगी.

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टिकट वितरण और रकीबुल हुसैन से अनबन

भूपेन बोरा की नाराजगी की मुख्य वजह पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और टिकट वितरण को माना जा रहा है. उन्होंने इशारों में सांसद रकीबुल हुसैन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कांग्रेस में तो रह सकते हैं लेकिन रकीबुल की मर्जी वाली पार्टी में नहीं. बोरा का आरोप है कि समागुरी उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का सुझाव दिया था, लेकिन उन्हें टिकट न देकर हुसैन के बेटे को उम्मीदवार बनाया गया. इसके अलावा उन्होंने 2021 के चुनाव में एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का विरोध करने की बात भी कही और दावा किया कि उनके सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया गया है.

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कांग्रेस के भीतर बढ़ता असंतोष

भूपेन बोरा का जाना असम कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ी क्षति माना जा रहा है क्योंकि वे लखीमपुर क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता हैं. बोरा ने बताया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले उन्होंने अपने करीबियों और सहयोगियों से लंबी चर्चा की है. उनके अनुसार पार्टी के कई नेता पूर्व में हुए गलत फैसलों से आहत थे, जिसका सीधा असर संगठन पर पड़ रहा था. अब जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके भाजपा में आने की पुष्टि कर दी है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में असम की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है और कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है.

First published on: Feb 17, 2026 11:33 PM

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