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ऑपरेशन सिंदूर की पहली सालगिरह… जब सेना ने ‘चुन-चुन कर’ लिया था पहलगाम हमले का बदला

करीब 93 दिन तक चले इस अभियान के बाद, 28 जुलाई 2025 को सेना के कमांडो ने कार्रवाई करते हुए तीनों आतंकियों को मार गिराया.

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22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों पर हमला कर दिया था. इस हमले में लोगों को पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया, जिससे पूरे देश में गुस्सा फैल गया. हमले के तुरंत बाद सेना और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी. जांच में पता चला कि इस हमले में तीन आतंकी शामिल थे, जिनका संबंध पाकिस्तान से था और वे लश्कर-ए-तैयबा संगठन से जुड़े हुए थे.

इसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया. आतंकियों के भागने के रास्तों को बंद किया गया और हर जगह नजर रखी जाने लगी. जानकारी मिली कि आतंकी पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में छिपते हुए इधर-उधर घूम रहे हैं. मई 2025 के आखिर तक ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया. सेना के खास कमांडो भी इसमें शामिल किए गए. सेना, पुलिस और दूसरे सुरक्षा बल मिलकर लगातार आतंकियों की तलाश में जुटे रहे. इस दौरान ड्रोन और दूसरे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, ताकि आतंकियों की हर हरकत पर नजर रखी जा सके.

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10 जुलाई 2025 को मिली नई जानकारी के बाद ऑपरेशन अपने आखिरी चरण में पहुंच गया. सुरक्षा बलों ने लिडवास, हरवान और दाचीगाम इलाके में घेराबंदी कर दी और आतंकियों को एक सीमित इलाके में रोक लिया.

करीब 93 दिन तक चले इस अभियान के बाद, 28 जुलाई 2025 को सेना के कमांडो ने कार्रवाई करते हुए तीनों आतंकियों को मार गिराया. इस तरह पहलगाम हमले के आरोपियों को खत्म कर दिया गया.

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First published on: Apr 20, 2026 11:49 PM

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