भारतीय नौसेना ने एक बार फिर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर्स को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया है. ये दोनों जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, हॉर्मुज स्ट्रेच को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी LPG भरी हुई है, जो भारत के लिए लाई जा रही है.
भारतीय नौसेना ने इन जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस समय संभाली जब ये हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे. यह इलाका दुनिया के सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, यहां हाल के समय में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है. ऐसे में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बता दें कि जग वसंत और पाइन गैस दोनों जहाजों पर भारतीय नाविक तैनात हैं. जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस चुनौतीपूर्ण मार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरते हुए भारत आ रहे हैं. जैसे ही ये गैस से भरे जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट को पार कर गए, भारतीय नौसेना ने तुरंत एस्कॉर्ट मिशन शुरू कर दिया और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित किया.
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. जहाजों की आवाजाही को बेहद करीबी से मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
बता दें कि दोनों LPG कैरियर्स अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और 26 से 28 मार्च 2026 तक ये भारत पहुंच सकते हैं. वहीं, भारतीय नौसेना पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और उत्तरी अरब सागर के साथ-साथ पर्शियन गल्फ के पास अतिरिक्त टास्क फोर्स भी तैनात की गई है.
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए दो भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर्स को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट किया है. ये दोनों जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, हॉर्मुज स्ट्रेच को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी LPG भरी हुई है, जो भारत के लिए लाई जा रही है.
भारतीय नौसेना ने इन जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उस समय संभाली जब ये हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे. यह इलाका दुनिया के सबसे अहम और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, यहां हाल के समय में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है. ऐसे में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बता दें कि जग वसंत और पाइन गैस दोनों जहाजों पर भारतीय नाविक तैनात हैं. जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस चुनौतीपूर्ण मार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरते हुए भारत आ रहे हैं. जैसे ही ये गैस से भरे जहाज हॉर्मुज स्ट्रेट को पार कर गए, भारतीय नौसेना ने तुरंत एस्कॉर्ट मिशन शुरू कर दिया और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित किया.
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. जहाजों की आवाजाही को बेहद करीबी से मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
बता दें कि दोनों LPG कैरियर्स अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं और 26 से 28 मार्च 2026 तक ये भारत पहुंच सकते हैं. वहीं, भारतीय नौसेना पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और उत्तरी अरब सागर के साथ-साथ पर्शियन गल्फ के पास अतिरिक्त टास्क फोर्स भी तैनात की गई है.